यह सिर्फ नीली लौ नहीं, उन करोड़ों आंखों की आजादी है जो सदियों से चूल्हे के जहरीले धुएं में रोती रहीं. 1910 में डॉ. वाल्टर स्नेलिंग द्वारा बोतलों में कैद की गई LPG और विलियम हार्ट के लकड़ी के पाइपों से शुरू हुआ PNG का सफर, आज दुनिया की रसोई का नया सच है. एक आविष्कार जिसने माताओं की सांसें बचाईं, तो दूसरे ने ‘गैस ग्रिड’ से तरक्की की राह खोली. आइए, धुएं से सुरक्षा और करियर के इस ‘बर्निंग’ सेक्टर की पूरी दास्तान समझते हैं.

क्या आप जानते हैं कि जिस LPG सिलेंडर का हम इस्तेमाल करते हैं, उसे कभी ‘बेकार’ समझकर जला दिया जाता था? डॉ. वाल्टर स्नेलिंग की एक छोटी सी जिज्ञासा ने कैसे बदल दी दुनिया की एनर्जी और अब इसमें जॉब्स की कितनी है भरमार?

बता दें LPG (Liquefied Petroleum Gas) का आविष्कार 1910 में अमेरिकी केमिस्ट डॉ. वाल्टर स्नेलिंग ने किया था. एक सामान्य दिन में स्नेलिंग ने देखा कि कार के पेट्रोल टैंक में रखा ईंधन बहुत जल्दी उड़ (इवैपोरेट) रहा है. उन्होंने रिसर्च की तो पाया कि इसमें प्रोपेन और ब्यूटेन जैसी गैसें हैं जिन्हें लिक्विड बनाकर स्टोर किया जा सकता है. 1912 में पहली बार घरेलू इस्तेमाल के लिए इसका प्रयोग हुआ.

PNG (Piped Natural Gas) जो सीधे जमीन के नीचे से निकलने वाली प्राकृतिक गैस (Methane) है. इसकी खोज किसी एक व्यक्ति ने नहीं की, लेकिन 1821 में अमेरिका के फ्रेडोनिया में विलियम हार्ट ने पहला प्राकृतिक गैस कुआं खोदा था. 1859 में रॉबर्ट बुनसेन ने ‘बुनसेन बर्नर’ बनाया, जिससे इस गैस का इस्तेमाल कुकिंग के लिए संभव हो पाया.

दुनिया के कितने देश कर रहे हैं इस्तेमाल?
आज ऊर्जा का संकट वैश्विक है, इसलिए लगभग हर विकसित और विकासशील देश इनका इस्तेमाल कर रहा है. दुनिया के 160 से ज्यादा देशों में LPG का उपयोग होता है. भारत, चीन, ब्राजील और इंडोनेशिया इसके सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से हैं. अकेले भारत में ‘उज्ज्वला योजना’ के बाद 30 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन हैं.

वहीं PNG यानी पाइप्ड गैस का जाल अमेरिका, यूरोप (खासकर रूस और जर्मनी) और खाड़ी देशों में बहुत पुराना है. भारत में भी अब छोटे शहरों तक पाइपलाइन बिछाई जा रही है.

कितना बड़ा है जॉब सेक्टर?
गैस सेक्टर केवल ‘सिलेंडर सप्लाई’ तक सीमित नहीं है. यह एक मल्टी-बिलियन डॉलर इंडस्ट्री है, जिसमें करियर के शानदार मौके हैं.

इंजीनियरिंग रोल्स: पेट्रोलियम इंजीनियर, केमिकल इंजीनियर और पाइपलाइन डिजाइनर्स की भारी डिमांड है. (कंपनियां: ONGC, GAIL, IOCL).
सेफ्टी एंड मेंटेनेंस: गैस हाईली फ्लेमेबल (ज्वलनशील) होती है, इसलिए ‘सेफ्टी ऑफिसर्स’ और ‘क्वालिटी कंट्रोलर्स’ के लिए बड़े पैकेज वाली नौकरियां हैं.
लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन: हजारों किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने और गैस ग्रिड मैनेज करने के लिए ऑपरेशंस मैनेजर की जरूरत होती है.
मार्केटिंग एंड सेल्स: जैसे-जैसे सीएनजी (CNG) और पीएनजी का विस्तार हो रहा है, बिजनेस डेवलपमेंट प्रोफेशनल्स के लिए रास्ते खुल रहे हैं.

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