दिवंगत दिग्गज पहलवान और एक्टर दारा सिंह ने रामानंद सागर की रामायण में हनुमान का किरदार निभाकर एक ऐसी विरासत छोड़ी, जिसे आज भी लोग बहुत सम्मान के साथ याद करते हैं. उनका निभाया हनुमान का किरदार आज भी सबसे बेहतरीन माना जाता है. फैंस उनमें भगवान हनुमान की छवि देखते हैं और उन्हें याद करते हैं.

खास बात ये कि, दारा सिंह के बेटे विंदु दारा सिंह ने भी पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए कई टीवी शोज और लाइव परफॉर्मेंस में हनुमान का किरदार निभाकर इस विरासत को आगे बढ़ाया.

दारा सिंह ने दी थी विंदु को सख्त हिदायत

एक पुराने इंटरव्यू में विंदु दारा सिंह ने बताया कि उनके पिता बच्चों के सपनों को पूरा करने में हमेशा साथ देते थे. लेकिन जब बात भगवान का किरदार निभाने की होती थी, तो वो बहुत सख्त हो जाते थे. दारा सिंह के लिए ये सिर्फ एक भूमिका नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी थी.

विंदु ने बताया कि हनुमान का किरदार निभाने से पहले उनके पिता ने उन्हें कुछ खास नियम बताए थे. जैसे कि परफॉर्मेंस से पहले स्नान करना और पूजा करना जरूरी था. जिस दिन वे हनुमान का रोल निभाते थे, उस दिन उन्हें नॉन-वेज खाना नहीं खाना होता था. साथ ही, साफ और अच्छे विचार रखना और पूरी ईमानदारी से किरदार निभाना भी बहुत जरूरी था.

दारा सिंह ने उन्हें ये भी समझाया था कि अगर इन नियमों का पालन नहीं किया गया, तो उसके अलग परिणाम भी हो सकते हैं. इससे साफ पता चलता है कि वे इस किरदार को कितनी गंभीरता से लेते थे. हनुमान दारा सिंह के दिल में बसते थे.

हनुमान लाए अलग एहसास

विंदु ने अपना एक्सपीरियंस बताते हुए कहा कि जब वो हनुमान का कॉस्ट्यूम पहनते थे और डायलॉग बोलते थे, तो उन्हें एक अलग तरह की ऊर्जा और ताकत महसूस होती थी. उन्हें इस किरदार से एक खास जुड़ाव महसूस हुआ, जैसा शायद उनके पिता को भी होता होगा.

उन्होंने बचपन की एक मजेदार और भावुक याद भी शेयर की. शो खत्म होने के कई साल बाद भी दारा सिंह कभी-कभी नींद में हनुमान के डायलॉग बोलने लगते थे. तब उनकी मां उन्हें मजाक में जगाकर कहती थीं कि शो तो कब का खत्म हो चुका है.

ये किस्सा सिर्फ एक अभिनेता की लगन ही नहीं दिखाता, बल्कि ये भी बताता है कि हनुमान जैसे किरदार को निभाने के लिए दारा सिंह के अनुसार आस्था और अनुशासन कितना जरूरी था.

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