कम बजट-सस्ता होटल, इंटीमेट सीन्स की भरमार, कहां-कैसे शूट होती हैं बी-ग्रेड मूवीज? – b grade movies intimate bold scenes shooting low budget monalisa amitabh bachchan tmovb


एंटरटेनमेंट की दुनिया में अकसर बी-ग्रेड मूवीज और इंटीमेट सीन्स की चर्चा होती रहती है. पर्दे पर कई बार हमने स्टार्स को लिपलॉक और बोल्ड सीन करते देखा है. पर्दे पर हीरो-हीरोइन का रोमांस देखकर मन में ख्याल आता है कि आखिर ये सीन्स शूट कैसे होते हैं. आइए जानते हैं कि बी-ग्रेड मूवीज क्या होती हैं और कैसे इनकी शूटिंग होती है.

क्या होती हैं बी-ग्रेड मूवी?
बी-ग्रेड फिल्में कम बजट में बनी वो व्यावसायिक फिल्में होती हैं, जिनमें जाने-माने कलाकार नहीं होते हैं. इनमें कहानी के बजाय अश्लीलता, हिंसा, या डरावने दृश्यों पर अधिक ध्यान दिया जाता है. बी-ग्रेड मूवीज आमतौर पर 70-80 मिनट की होती हैं. ये मूवीज छोटे शहरों के दर्शकों या ‘एडल्ट’ (18+) को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं.

बी-ग्रेड मूवीज का बजट काफी कम होता है, जिसमें प्रोडक्शन वैल्यू और तकनीक कमजोर होती है. इन फिल्मों का फोकस अश्लील सीन्स और देसी शैली पर होता है. दर्शकों को आकर्षित करने के लिए इन फिल्मों के पोस्टर और नाम अकसर भड़काऊ होते हैं. बड़ी बात ये फिल्में बड़े नहीं, बल्कि छोटे सिनेमाघरों में रिलीज होती हैं. एकदम सरल भाषा में बात की जाए, तो बी-ग्रेड मूवीज को सस्ती और अश्लील फिल्म कहा जाता है.

बी-ग्रेड फिल्म

बी-ग्रेड फिल्मों की शूटिंग कैसे होती है?
ज्यादातर बी-ग्रेड फिल्मों के लिए न्यूकमर्स, मॉडल्स या टीवी आर्टिस्ट्स को साइन किया जाता है. बोल्ड सीन्स के लिए अकसर हीरोइन चुनी जाती है. इन फिल्मों की शूटिंग होटल रूम्स, गेस्टहाउस या सस्ते फार्महाउस पर होती है. इन्हें आउटडोर कम और इंडोर ज्यादा शूट किया जाता है. शूट के लिए लोगों की 18-20 घंटे की शिफ्ट्स लगती है. इसकी शूटिंग बिना ब्रेक रातोरात खत्म कर दी जाती है.

बी-ग्रेड मूवी

इंटीमेट सीन्स फिल्माते समय सिर्फ कैमरामैन और क्रू मौजूद रहता है. फिल्मों का बजट कम होता है. इसलिए इसकी टीम भी छोटी होती है.

कई बी-ग्रेड मूवीज एक्ट्रेसेस बता चुकी हैं कि उन्होंने ये फिल्में घर चलाने के लिए मजबूरी में की थी. राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन जैसे सितारे भी बी-ग्रेड मूवीज का हिस्सा रह चुके हैं. उन्होंने ये फिल्में तब साइन की थीं, जब उनके करियर का लो पीरियड चल रहा था.

हालांकि, अब वक्त बदल चुका है और अश्लीलता सिर्फ बी-ग्रेड मूवीज तक सीमित नहीं है. टीवी शोज, ओटीटी और बॉलीवुड में भी भर-भर कर इंटीमेट सीन्स परोसे जाते हैं. इसलिए अब स्टार्स को पहले ही ऐसे सीन्स की ट्रेनिंग दी जाती है और शूटिंग के लिए इंटीमेट कोऑर्डिनेटर की मदद ली जाती है.

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