अफगानिस्तान में शुक्रवार को तेज भूकंप आया. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 थी. अफगानिस्तान के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने बताया कि भूकंप की वजह से राजधानी काबुल में एक मकान ढह गया, जिसमें दबकर 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा घायल हो गया. जर्मनी के भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 177 किलोमीटर की गहराई में अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में था.

पहाड़ी इलाकों से घिरा अफगानिस्तान प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है, जहां भूकंप सबसे ज्यादा जानलेवा साबित होते हैं. औसतन हर साल यहां करीब 560 लोगों की मौत भूकंप के कारण होती है. इससे पहले नवंबर में आए 6.3 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों घर तबाह हो गए थे.

भारत की राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. लोगों में दहशत फैल गई और वे अपने घरों, दफ्तरों की इमारतों से बाहर निकल गए. रात करीब 9.50 बजे दर्ज किए गए भूकंप के झटके पंजाब के नोएडा, चंडीगढ़, लुधियाना और जम्मू-कश्मीर के पुंछ, श्रीनगर और उधमपुर, देहरादून सहित कई अन्य शहरों से महसूस किए गए.

चंडीगढ़ निवासी बलदेव चंद, जो दूसरी मंजिल पर एक फ्लैट में रहते हैं, उन्होंने कहा, ‘मुझे जोरदार झटके महसूस हुए, जो कुछ सेकंड तक रहा.’ भूकंप के झटकों के कारण लोगों के घरों में दीवारों पर टंगी तस्वीरों, पंखे और अन्य चीजें हिलने लगीं. बहुत से लोगों ने सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो भी शेयर किए हैं. दिल्ली के एक सोशल मीडिया यूजर ने बताया, ‘भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि लोगों के घरों में पंखे और बेड हिलने लगे.’

भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के बदख्शान प्रांत में, हिंदू कुश क्षेत्र में पाकिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा के पास था. इस्लामाबाद, पंजाब के कुछ हिस्सों, खैबर पख्तूनख्वा, पेशावर और अन्य क्षेत्रों सहित पाकिस्तान के कई शहरों में भी भूकंप के झटके थोड़े समय के लिए महसूस किए गए.

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