‘ईरान में मंगलवार को बड़ी तबाही’, ट्रंप ने चुन लिए टारगेट? US प्रेसिडेंट ने कहा- पावर प्लांट, ब्रिज… – donald trump threat iran power plants bridges hormuz closure war escalation oil crisis impact NTC AGKP

ByCrank10

April 5, 2026


अमेरिका और ईरान के बीच जंग को अब करीब पांच हफ्ते हो चुके हैं. 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे. तब से दोनों देश आमने-सामने हैं. ईरान ने जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया, यानी वो समुद्री रास्ता जिससे दुनिया का 20 फीसदी तेल गुजरता है. युद्ध अपने चरम पर है. अमेरिका ने अपने दोनों पायलटों को रेस्क्यू कर ईरान से बचा लिया.

दूसरी ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 10 दिनों का अल्टीमेटम भी खत्म होना वाला है. ट्रंप ने अल्टीमेटम दिया था कि ईरान अगल 10 दिनों में होर्मुज रास्ता नहीं खोलता है तो उस पर इतने हमले किए जाएंगे की तेहरान में तबाही छा जाएगी. इन सब के बीच ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह मंगलवार को कहां हमला करने वाले हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी जो पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बन गई है. उन्होंने कहा कि मंगलवार को ईरान में ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ होगा. यानी साफ धमकी कि ईरान के बिजली घरों और पुलों पर हमले होंगे.

फिर उन्होंने गालियां देते हुए कहा, ‘होर्मुज खोलो, वरना जहन्नुम में रहोगे. बस देखते रहो.’ और आखिर में लिखा, ‘अल्लाह की तारीफ करो.”

यह पोस्ट इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति ने खुलेआम गाली देते हुए किसी देश को इस तरह धमकाया. यह कूटनीति की सारी मर्यादाएं तोड़ने वाला बयान है.

पावर प्लांट और पुल पर हमला क्यों?

अगर किसी देश के बिजली घर तबाह हो जाएं तो पूरे देश में अंधेरा हो जाता है. अस्पताल बंद, पानी बंद, खाना बनाना बंद. और अगर पुल टूट जाएं तो एक जगह से दूसरी जगह जाना बंद. यह सीधे आम लोगों की जिंदगी पर हमला है.

राष्ट्रपति ट्रंप यह दिखाना चाहते हैं कि अगर ईरान ने होर्मुज नहीं खोला तो वो ईरान को इस हद तक नुकसान पहुंचाएंगे कि वहां की आम जनता की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पूरी तरह ठप हो जाए.

यह भी पढ़ें: ‘डोनाल्ड ट्रंप से ज्यादा सुरक्षित हमारी कैद में’, US पायलट की मां की दुआ पर ईरान का तीखा जवाब

होर्मुज बंद होने से क्या हो रहा है?

दुनिया का 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से जाता है. ईरान ने इसे बंद करके दुनिया भर में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दी हैं. भारत, चीन, जापान जैसे देश इस तेल पर निर्भर हैं.

ईरान ने महज़ कुछ दोस्त देशों को इस रास्ते से गुजरने की इजाजत दी है जिनमें भारत भी शामिल है. लेकिन अमेरिका और पश्चिमी देशों के जहाज अभी भी नहीं गुजर सकते.

यह धमकी कितनी गंभीर है?

राष्ट्रपति ट्रंप ने तारीख बता दी, मंगलवार. निशाना बता दिया, बिजली घर और पुल. और भाषा भी बता दी जो साफ है कि वो रुकने वाले नहीं.

ईरान के लिए यह फैसले का वक्त है. या तो होर्मुज खोलो या फिर और बड़े हमले झेलो. लेकिन ईरान भी झुकने वाला नहीं दिखता. उसने पहले ही कह रखा है कि होर्मुज उनकी ताकत है और वो इसे हथियार की तरह इस्तेमाल करते रहेंगे. दुनिया की नजरें अब मंगलवार पर टिकी हैं.

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