केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोकनगर जिले के कचनार में आम जनता की समस्याओं को सुनने के लिए जनसुनवाई कर रहे थे. इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया जिसने प्रशासनिक अमले और सुरक्षा व्यवस्था को सकते में डाल दिया. दरअसल, एक युवक जो पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में ‘फरार’ था, अपनी फरियाद लेकर सीधे केंद्रीय मंत्री की मेज तक पहुंच गया.

जनसुनवाई के दौरान यह युवक दूसरे शख्स के नाम का टोकन लेकर सिंधिया के पास पहुंचा. शुरुआत में सिंधिया ने सामान्य आवेदकों की तरह उसका आवेदन लिया और कार्यवाही का आश्वासन भी दिया. लेकिन युवक आश्वासन मिलने के बाद भी वहां से नहीं हटा और कुछ संदिग्ध हरकतें करने लगा.

सिंधिया की ‘क्रॉस चेकिंग’ ने खोल दी पोल
जब युवक वहां से नहीं टला, तो सिंधिया को शक हुआ. उन्होंने तत्काल उसके पास मौजूद टोकन और आवेदन की जांच करवाई. जांच में सामने आया कि टोकन किसी और के नाम पर जारी हुआ था और आवेदन किसी दूसरे नाम से था. जब अधिकारियों ने रिकॉर्ड खंगाला, तो पता चला कि यह युवक एक आपराधिक मामले में FIR दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा है.

मौके पर ही FIR के आदेश
आरोपी की इस हिमाकत पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने मौके पर मौजूद SP अशोकनगर को निर्देश देते हुए कहा, “इस पर एक और FIR दर्ज करो. यह दूसरे के आवेदन और टोकन पर यहां आया है, इसने धोखाधड़ी की है.”

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प्रशासनिक चूक पर सवाल
केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा और जनसुनवाई जैसी संवेदनशील जगह पर एक फरार आरोपी का दूसरे के टोकन से पहुंच जाना, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े करता है. फिलहाल पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.

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