ग्राउंड रिपोर्ट: इजरायल के अंडरग्राउंड वॉर रूम से जंग की निगरानी, यहीं से हिजबुल्लाह की हमले की होती है मॉनिटरिंग – haifa underground command center israel missile attacks iran hezbollah monitoring emergency system war impact NTC agkp

ByCrank10

April 5, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


मैं इस समय हाइफा शहर के उस कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में मौजूद हैं, जो जमीन से कई मीटर नीचे बना हुआ है. यहीं से पूरे शहर की सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पॉन्स मैनेज किया जाता है. इस सेंटर में हाइफा का पूरा डिजिटल नक्शा मौजूद है, जिसमें करीब तीन लाख की आबादी वाले इस शहर के हर हिस्से पर नजर रखी जाती है.

उन्होंने बताया कि हाइफा इजराइल के लिए बेहद महत्वपूर्ण शहर है. यहां नौसेना का बेस है, बड़ा पोर्ट है और ऑयल रिफाइनरी भी मौजूद है. तेल अवीव के बाद इसे आर्थिक दृष्टि से सबसे अहम शहरों में गिना जाता है. शहर की निगरानी के लिए हजारों कैमरे लगे हैं और हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाती है.

दोहरी मार झेल रहा हाइफा, 24 घंटे निगरानी

हाइफा इस समय दोहरी मार झेल रहा है. एक तरफ लेबनान से हिजबुल्लाह के रॉकेट हमले हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान से मिसाइलें दागी जा रही हैं. अब तक शहर की ऑयल रिफाइनरी पर दो बार हमला हो चुका है और कई बार मिसाइल अलार्म बज चुके हैं.

पिछले 30 दिनों में हजारों बार मिसाइल अलर्ट जारी हुए हैं. जैसे ही आसमान में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या मिसाइल का संकेत मिलता है, पूरा सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाता है.

इसके तहत शहर के हर महत्वपूर्ण स्थान जैसे अस्पताल, स्टेडियम, रिहायशी इलाके, पार्क, सरकारी इमारतें, ऑयल रिफाइनरी और पोर्ट को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित करने की कार्रवाई होती है.

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भारत से जुड़ाव और रणनीतिक महत्व

यह शहर भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां भारत का निवेश है और पुराना संबंध भी रहा है. ऐसे में हाइफा पर होने वाले हमले भारत की चिंता भी बढ़ाते हैं.

कमांड सेंटर से 24 घंटे निगरानी की जाती है और करीब 20 लोगों की टीम अलग-अलग शिफ्ट में काम करती है. कई कर्मचारी कैमरे पर नहीं आना चाहते क्योंकि यह एक संवेदनशील और गोपनीय व्यवस्था है.

लगातार कॉल्स और रेस्पॉन्स सिस्टम

इस सेंटर में आने वाली हर कॉल और घटना का रिकॉर्ड रखा जाता है. आज सुबह से अब तक 163 कॉल्स आईं, जिनमें से 160 पर कार्रवाई हो चुकी है और बाकी पर काम जारी है.

पिछले 12 घंटों में तीन बार हाइफा को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागी गईं, हालांकि किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है. लेकिन पिछले करीब 37 दिनों में सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और कई लोग अपने घर छोड़कर बंकर और शेल्टर में रहने को मजबूर हैं.

पैनिक नहीं, कंट्रोल्ड अलर्ट सिस्टम

शहर में पैनिक की स्थिति न बने, इसके लिए एक नियंत्रित अलर्ट सिस्टम लागू किया गया है. शेल्टर के अंदर भी अगर कोई विवाद होता है तो उसे मैनेज किया जाता है.

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इस पूरे सिस्टम के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि युद्ध जैसी स्थिति में भी शहर की व्यवस्था बनी रहे और हर स्थिति को तुरंत संभाला जा सके.

भारत से जुड़ाव, इसलिए बढ़ती चिंता

हाइफा का भारत से पुराना और मजबूत आर्थिक संबंध है और यहां कई भारतीय भी काम करते हैं. इसी वजह से जब भी यहां हमला होता है, तो भारत की चिंता भी बढ़ जाती है. यह पूरा सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि युद्ध जैसी स्थिति में भी शहर सुरक्षित रहे और हर स्थिति का तुरंत जवाब दिया जा सके.

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