‘बंगाल में कल तक वोटर लिस्ट पब्लिश करो’, चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का 24 घंटे का अल्टीमेटम – supreme court west bengal voter list update deadline eci claims objections tribunal panel order NTC agkp

ByCrank10

April 6, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को सख्त आदेश दिया कि पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट कल यानि मंगलवार तक हर हाल में पब्लिश होनी चाहिए. यह भी कहा कि अगर सभी दस्तावेजों पर डिजिटल साइन नहीं भी हुए तो भी लिस्ट निकाली जाए. साथ ही कलकत्ता हाईकोर्ट को आदेश दिया कि तीन पूर्व जजों की एक कमेटी आज ही बनाई जाए.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. आने वाले कुछ दिनों में मतदान होंगे. चुनाव से पहले वोटर लिस्ट यानी मतदाता सूची अपडेट की जाती है. इसमें नए नाम जोड़े जाते हैं और जो लोग मर चुके हैं या जगह बदल चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं.

इस बार लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत हटाए गए. जिन लोगों को लगा कि उनका नाम गलती से हटाया गया, उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई. यानी कहा कि हमारा नाम वापस डालो.

इन आपत्तियों की संख्या बहुत बड़ी थी. 59 लाख से ज्यादा लोगों ने दावे और आपत्तियां दर्ज कीं. इन सबको सुनकर फैसला करना होता है.

सोमवार को कोर्ट में क्या हुआ?

सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि अभी भी 26,000 मामले बाकी हैं जिन पर फैसला नहीं हुआ. वोटर लिस्ट पब्लिश करने की आखिरी तारीख सोमवार थी, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ.

यह भी पढ़ें: कोलकाता की इन 17 सीटों पर होगा असली खेल, मुस्लिम फैक्टर किसके आएगा काम?

कोर्ट ने साफ कह दिया कि कल तक यानी मंगलवार तक अंतिम वोटर लिस्ट पब्लिश होनी चाहिए. यह भी कहा कि अगर कुछ कागजों पर डिजिटल साइन नहीं हैं तो भी लिस्ट रोकी नहीं जाएगी. चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि बाकी बचे सभी मामले आज दिन खत्म होने तक निपटा दिए जाएंगे.

ट्रिब्यूनल का क्या मामला है?

जिन लोगों के नाम हटाए गए और उनकी आपत्ति भी नहीं मानी गई, वो अपील कर सकते हैं. इसके लिए 19 अपीलेट ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं. यानी 19 खास अदालतें जो सिर्फ इन्हीं मामलों को सुनेंगी.

लेकिन इन 19 ट्रिब्यूनलों में सुनवाई का कोई एक जैसा तरीका नहीं था. हर जगह अलग-अलग ढंग से काम हो रहा था. लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें, कहां जाएं.

तो सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट को आदेश दिया कि तीन पूर्व चीफ जस्टिस या सीनियर जज की एक कमेटी आज ही बनाई जाए जो कल तक एक जैसे नियम तय करे.

कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रिब्यूनलों को सारे कागजात दोबारा देखने चाहिए ताकि किसी के साथ कोई गलती न हो और सबको सुनवाई का मौका मिले.

यह भी पढ़ें: टेनिस स्टार और बीजेपी नेता लिएंडर पेस को मिली ‘X’ कैटेगरी की सिक्योरिटी

पूरी बात क्या है?

लाखों लोगों के वोट का सवाल है. अगर किसी का नाम गलती से लिस्ट से हट गया तो वो वोट नहीं दे पाएगा. और चुनाव नजदीक हैं. इसीलिए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है कि अब और देरी नहीं चलेगी. मंगलवार को लिस्ट निकले, नियम बनें और लोगों को उनका हक मिले.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *