‘तुरंत जमानत नहीं’, छात्रों पर गोलीकांड केस में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री-गृहमंत्री को सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका – nepal supreme court kp sharma oli ramesh lekhak bail denial remand limit gen z protest case investigation order NTC AGKP

ByCrank10

April 6, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को तत्काल जमानत देने से इनकार कर दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिला अदालत द्वारा दिए गए पुलिस रिमांड की अवधि पूरी की जाएगी, लेकिन इसके बाद रिमांड आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि अब और रिमांड नहीं मिलेगा, इसलिए शेष पूछताछ निर्धारित समय के भीतर पूरी कर ली जाए. अदालत ने विशेष रूप से आदेश दिया है कि ओली और लेखक से तीन दिनों के भीतर पूरी पूछताछ कर ली जाए और बृहस्पतिवार को दोनों नेताओं को रिहा किया जाए.

अदालत के आदेश के अनुसार, आगामी बृहस्पतिवार के बाद दोनों को पुलिस रिमांड में नहीं रखा जा सकेगा. यानी तीन दिन की अवधि पूरी होने के बाद ओली और लेखक को रिहा करना अनिवार्य होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि जिला अदालत द्वारा दिए गए रिमांड को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

इसके साथ ही, Gen-Z प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर गोली चलाने के मामले में आगे की जांच हिरासत से बाहर रखकर जांच की बाकी प्रक्रिया को पूरा करने का आदेश दिया गया है.

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यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सितंबर 2025 में हुए Gen-Z प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और गोलीबारी को लेकर देशभर में राजनीतिक और कानूनी बहस जारी है.

अदालत के इस निर्देश के बाद अब पुलिस पर तय समय के भीतर जांच पूरी करने का दबाव बढ़ गया है, जबकि आगे की कानूनी प्रक्रिया हिरासत के बाहर से ही आगे बढ़ाई जाएगी.

बता दें कि Gen-Z प्रदर्शनों के बाद नेपाल में केपी ओली की सरकार की गिर गई. इसके बाद नई सरकार का गठन हुआ और बालेन शाह प्रधानमंत्री बने.

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