मिडिल ईस्‍ट में जंग के कारण तेल संकट पैदा हुआ है, जिस कारण कई देशों में तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच चुकी है. अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल 112 डॉलर के करीब आ चुका है. इस बीच, भारत ने अपने कच्‍चे तेल के आयात में विविधता लाया है. भारत ईरानी और रूसी तेल की खरीद तो कर ही रहा है. इस बीच खबर है कि भारत को वेनेजुएला से एक बड़ी खेप मिल रही है.

कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म केप्लर के अनुसार, दक्षिण अमेरिकी देश से पिछली खेप आने के लगभग एक साल बाद, इस महीने लगभग 10-12 मिलियन बैरल वेनेजुएला का कच्चा तेल भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है. वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद फिर से शुरू होना ऐसे समय में हुआ है, जब भारतीय रिफाइनर कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर विकल्पों में विविधता ला रही हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में आने वाले कार्गो को हालिया रुकावट से काफी पहले ही सुरक्षित कर लिया गया था, जो एक लंबे समय की रणनीतिक बदलाव को दिखाता है. अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रोक लगने से पहले वेनेजुएला का कच्चे तेल का आयात औसतन 1.9 मिलियन बैरल था.

भारत के लिए बेहतर विकल्‍प है वेनेजुएला
वेनेजुएला भारत के लिए तेल का नया मार्केट है, जो भारत का एक बड़ा विकल्‍प देता है. खासकर होर्मुज रास्‍ता बंद होने के बाद से भारत के कच्‍चे तेल की आपूर्ति पूरी कर सकता है और भारत में तेल की कीमतें स्थिर रह सकती हैं और युद्ध का प्रभाव कम हो सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वेनेजुएला से तेल आने पर इनमें से कुछ माल कोच्चि बंदरगाह पर उतारे जा सकते हैं, जहां बीपीसीएल की रिफाइनरी है.

हर तरफ से भारत के पास आ रहा तेल
गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर कंट्रोल के बाद भारतीय रिफाइनरियों और अमेरिका के बीच वेनेजुएला से तेल खरीदने की डील हुई है, जिसके तहत पहली खेप भारत आ रही है. इसके साथ ही अमेरिका द्वारा रूस और ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटाने के बाद भारत रूसी और ईरानी तेल खरीद रहा है. इसके साथ ही भारत अफ्रीकी देशों से भी तेल की आपूर्ति कर रहा है, जिसमें से प्रमुख देश अंगोल है.

क्‍यों खास है वेनेजुएला का तेल
वेनेजुला में दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार मौजूद हैं. यह एक हैवी और एक्‍स्‍ट्रा हैवी क्रूड ऑयल की बड़ी मात्रा रखता है. यह तेल भले ही रिफाइन करना थोड़ा महंगा पड़ता है, लेकिन इसकी उपलब्धता बहुत अधिक है, इसलिए लंबी अवधि में यह सप्लाई के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *