पहले होर्मुज में रास्ता दिया और अब रिहा किए कैदी! फ्रांस पर क्यों मेहरबान ईरान – iran allowes french former detainees leave country emmanuel macron donald trump iran war wdrk


ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका को उसके करीबी सहयोगियों ने बड़ा झटका दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते थे कि उनके यूरोपीय सहयोगी ईरान के खिलाफ युद्ध में उनका साथ दें लेकिन ऐसा हो नहीं सका. ब्रिटेन, फ्रांस जैसे सभी बड़े सहयोगियों ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी मदद से इनकार किया है.

अमेरिका के पिछलग्गू माने जाने वाले इन देशों के इस रुख से ईरान खुश है और उसने फ्रांस के प्रति हाल में बड़ी दरियादिली दिखाई है. हाल ही में उसने होर्मुज स्ट्रेट के पास फंसे जहाज को क्लियरेंस दी थी और अब फ्रांस के दो पूर्व कैदियों को ईरान छोड़ने की इजाजत दे दी है.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को एक ट्वीट कर बताया कि ईरान ने दो पूर्व फ्रांसीसी बंदियों सेसिल कोहलर और जैक्स पेरिस को देश छोड़ने की अनुमति दे दी है. रिहाई के बाद दोनों तेहरान स्थित फ्रांसीसी दूतावास में रह रहे थे.

मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘सेसिल कोहलर और जैक्स पेरिस अब आजाद हैं और साढ़े तीन साल की हिरासत के बाद फ्रांस लौट रहे हैं.’

लंबे समय से अपने नागरिकों को वापस मांग रहा था फ्रांस

फ्रांस लंबे समय से ईरान से यह मांग कर रहा था कि उसके नागरिकों को ईरान छोड़ने दिया जाए लेकिन ईरान ने उसके नागरिकों को छोड़ने से इनकार कर दिया था. हालांकि, अब जबकि ईरान अमेरिका के साथ युद्ध में उलझा है, उसने दोनों को ईरान छोड़ने के लिए हां कर दिया है.

मैक्रों पहले ही साफ कर चुके हैं कि फ्रांस इस युद्ध में शामिल नहीं है और उसे अमेरिका-इजरायल हमलों की पहले से जानकारी भी नहीं दी गई थी.

मैक्रों ने इस रिहाई में मध्यस्थता निभाने के लिए ओमान का धन्यवाद किया और कहा कि यह सभी के लिए, खासकर उनके परिवारों के लिए, राहत की बात है.

ईरानी अधिकारियों ने दोनों को नवंबर में जेल से रिहा कर दिया था, लेकिन देश छोड़ने की अनुमति नहीं दी थी. उन पर जासूसी के आरोप लगे थे, जिन्हें जैक्स पेरिस ने बेबुनियाद बताया.

फ्रांसीसी अधिकारियों के मुताबिक, रिहाई के बाद दोनों को तेहरान स्थित दूतावास में सुरक्षित रखा गया था. कोहलर और पेरिस को मई 2022 में ईरान यात्रा के दौरान गिरफ्तार किया गया था. फ्रांस ने ईरान की इस कार्रवाई को ‘अनुचित और आधारहीन’ बताया था.

पश्चिमी देशों ने ईरान पर विदेशी नागरिकों को सौदेबाजी के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है, हालांकि तेहरान इन आरोपों को खारिज करता रहा है.

फ्रांसीसी जहाज को होर्मुज पार करने की मिली थी इजाजत

इसी महीने की शुरुआत में ईरान ने फ्रांस के एक कंटेनर जहाज को होर्मुज पार करने की इजाजत दी थी. दरअसल, राष्ट्रपति मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति से कह दिया  कि फ्रांस युद्ध में अमेरिका की मदद नहीं करेगा.

अमेरिका ने फ्रांस से फाइटर जेट मांगे थे और फ्रांस ने कह दिया कि वो नहीं देगा. फ्रांस के इस रुख से ईरान खुश हुआ और उसने फ्रांस की शिपिंग कंपनी CMA CGM के एक कंटेनर जहाज को होर्मुज से गुजरने दिया.

फ्रांस की कंपनी ने कथित तौर पर होर्मुज पार करने के लिए ईरान के समुद्री अधिकारियों से संपर्क किया और फिर उसे आसानी से रास्ता मिल गया.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *