मजदूरों-छात्रों के लिए गुड न्यूज! दिल्ली में कमर्शियल LPG सिलेंडर दोगुने, होटल-रेस्तरां को भी फायदा – delhi commercial lpg cylinder availability doubled migrant workers students ntc drmt


दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी में कमर्शियल LPG सिलेंडर की अवेलेबिलिटी बढ़ाते हुए बड़ा कदम उठाया है. फूड एंड सप्लाई मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की संख्या दोगुनी करने का ऐलान किया है.

कमर्शियल सिलेंडरों की संख्या अब 180 से बढ़ाकर 360 सिलेंडर प्रतिदिन (19 किलो श्रेणी) कर दी गई है. सरकार का ये फैसला नई दैनिक सीमा 6,480 कमर्शियल सिलेंडरों के तहत लिया गया है, जिसमें सभी श्रेणियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तरजीह तय की गई है.

सिरसा ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो इस लिमिट का सख्ती से पालन करें. इसके साथ ही किसी भी श्रेणी में बचा हुआ स्टॉक जरूरत के मुताबिक दूसरी श्रेणियों में ट्रांसफर किया जाए.

सिरसा ने साफ कहा कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी डिस्ट्रीब्यूशन के लिए पूरी तरह कमिटेड है. उन्होंने अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि पूरे दिल्ली में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है. जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी.

फूड एंड सप्लाई मंत्री विभाग ने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन को और असरदार बनाने के लिए नए ऑपरेशनल निर्देश भी जारी किए हैं. अब ऑयल कंपनियां अलग-अलग श्रेणियों के बीच लचीलापन रखते हुए सिलेंडर का बंटवारा कर सकेंगी, लेकिन पहले सभी वैध मांगों को पूरा करना जरूरी होगा.

प्रवासी मजदूरों के लिए खास इंतजाम

प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर अधिकृत एजेंसियों के जरिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इसके लिए आधार वेरिफिकेशन जरूरी किया गया है. साथ ही, डुप्लिकेशन रोकने के लिए केंद्रीकृत लाभार्थी डेटाबेस तैयार किया गया है.

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एक ही व्यक्ति को दोबारा सिलेंडर लेने के लिए कम से कम 7 दिन का अंतर तय किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों तक सुविधा पहुंच सके.

किन सेक्टरों को मिलेगी तरजीह?

  • सरकार ने अलग-अलग सेक्टरों के लिए सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूशन भी तय किया है.
  • शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थान- 225 सिलेंडर
  • सरकारी संस्थान/पीएसयू/कम्युनिटी किचन/इंडस्ट्रियल कैंटीन- 225 सिलेंडर
  • होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और फूड प्रोसेसिंग- 3,375 सिलेंडर
  • केटरर्स और बैंक्वेट- 225 सिलेंडर
  • लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्री (ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल आदि)- 1,800 सिलेंडर
  • स्पोर्ट्स फैसिलिटी और स्टेडियम- 270 सिलेंडर

सरकार के इस फैसले से राजधानी में कमर्शियल गैस की उपलब्धता बढ़ेगी और खासकर प्रवासी मजदूरों, छात्रों और छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी. होटल, इंडस्ट्री और जरूरी सेवाओं में गैस की कमी की समस्या भी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है.

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