गर्मियां शुरू हो चुकी हैं और धीरे-धीरे मौसम और ज्यादा गरम होने वाला है. चिलचिलाती गर्मी ना केवल आपकी स्किन को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि पानी को भी गरम कर देती है. जी हां, इस मौसम में सबसे ज्यादा ‘टेंशन’ तब होती है, जब नहाने के लिए नल खोलो और उसमें से ठंडा पानी नहीं बल्कि उबलता हुआ या कहें खौलता पानी निकले. दोपहर के वक्त तो हालत ऐसे हो जाते हैं कि हाथ धोना भी मुश्किल लगता है. छत पर रखी पानी की टंकी दिनभर सूरज की तपिश झेलती है, जिसका नतीजा ये होता है कि आप जब भी नल खोलते हैं आपकी बाल्टी में ‘गीजर’ जैसे गरम पानी आता है.
अगर आप भी इस गरम पानी के टॉर्चर से परेशान रहते हैं, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ बहुत ही आसान और सस्ते देसी जुगाड़ अपनाकर आप अपनी टंकी के पानी को मटके या फ्रिज जैसा ठंडा तो नहीं, पर कम से कम नहाने लायक जरूर बना सकते हैं. आइए जानते हैं टंकी का पानी ठंडा रखने के स्मार्ट तरीके.
1. टंकी का रंग बदलें, दिखेगा बड़ा फर्क
अगर आपकी टंकी काली या किसी डार्क रंग की है तो बता दें इस तरह की टंकियां सूरज की गर्मी को सबसे ज्यादा सोखती हैं. अगर आपकी टंकी भी काले रंग की है, तो उस पर सफेद चूना या सफेद पेंट करवा दें. सफेद रंग सूरज की किरणों को रिफ्लेक्ट कर देता है, जिससे टंकी अंदर से कम गरम होती है और पानी लंबे समय तक ठंडा रहता है.
2. जूट की बोरी वाला देसी जुगाड़
जूट की बोरी वाला देसी जुगाड़ ये सबसे सस्ता और असरदार तरीका है. घर पर रखी कुछ पुरानी जूट की बोरियां लाएं और उन्हें टंकी के चारों तरफ लपेट दें. अब दिन में एक या दो बार पाइप से इन बोरियों को गीला कर दें. गीली बोरी की वजह से टंकी के आसपास का टेंपरेचर कम हो जाएगा और पानी गरम नहीं होगा.
3. शेड बनाकर धूप से बचाएं
टंकी गरम होने की सबसे बड़ी वजह है उस पर पड़ने वाली सीधी धूप. आप टंकी के ऊपर लकड़ी के डंडे गाड़कर हरी नेट या टीन की शेड डाल सकते हैं. इससे टंकी को सीधी धूप नहीं लगेगी और पानी का टेंपरेचर कंट्रोल में रहेगा.
4. थर्माकोल की कोटिंग (इंसुलेशन)
अगर आप और थोड़ा पक्का इंतजाम करना चाहते हैं, तो टंकी के चारों तरफ थर्माकोल की शीट्स लगा दें और उसे टेप या रस्सी से बांध दें. थर्माकोल गर्मी को अंदर नहीं जाने देता. इसके ऊपर से आप पेंट या कोई कवर भी डाल सकते हैं ताकि ये दिखने में भी ठीक लगे.
5. टंकी भरने का समय बदलें
अक्सर आप दोपहर में मोटर चलाते हैं जब बाहर का टेंपरेचर पहले से ही ज्यादा होता है. कोशिश करें कि सुबह जल्दी (6-7 बजे) या फिर देर रात को टंकी भरें. ताजा पानी जमीन के नीचे से आता है जो ठंडा होता है. रात में भरा हुआ पानी सुबह तक ठंडा ही रहता है.
6. पौधे लगाएं
टंकी के आसपास छोटे-छोटे गमले या बेल वाले पौधे लगाएं. अगर मुमकिन हो तो ऐसी बेल चढ़ाएं जो टंकी को कवर कर लें. पौधे न सिर्फ ऑक्सीजन देंगे बल्कि अपनी छाया से टंकी को सूरज के सितम से भी बचाएंगे.
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