दूसरा संकट: कर्ज का बढ़ता बोझ, चुकाने की चिंता
Pakistan पर दूसरे संकट की बात करें, तो कर्ज का बोझ देश की इकोनॉमी को झकझोर रहा है. शहबाज शरीफ सरकार आईएमएफ समेत कई देशों से भारी-भरकम कर्ज ले चुकी है, लेकिन पाकिस्तान का आर्थिक संकट है कि कम होने का नाम नहीं ले रहा है. अब कर्ज देने वाले उसे लौटाने का दबाव बना रहे हैं और पाकिस्तान की हालत टाइट होती जा रही है. एक ओर तो उसे कोई नया कर्ज देने को राजी नहीं है, तो वहीं मिडिल ईस्ट युद्ध से गहराए संकट के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने उसकी टेंशन को और बढ़ा दिया है. UAE ने इस महीने के अंत तक पाकिस्तान को 3.5 अरब डॉलर का कर्ज वापस करने का फरमान सुनाया है.
कर्ज के आंकड़ों पर गौर करें, तो पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, Pakistan पर जनवरी 2026 तक कुल कर्ज 79,322 अरब पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गया है. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के डॉक्युमेंट्स देखें, तो संघीय सरकार का घरेलू कर्ज जनवरी 2026 तक 55,978 पाकिस्तानी अरब रुपये, जबकि बाहरी कर्ज 23,344 अरब पाकिस्तानी रुपये हो गया था. जो Pakistan GDP का करीब 70% है. (फोटो: आईटीजी)

