अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ‘पूरी सभ्यता को खत्म करने’ की धमकी दी, जिस पर अमेरिकी डेमोक्रेटिक नेताओं ने इसकी कड़ी निंदा की और उन्हें तुरंत हटाने की मांग की. कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने भी इस पर चिंता जताई और प्रार्थना की कि यह केवल धमकी हो.
डेमोक्रेट नेता 25वें संशोधन का हवाला देते हुए ट्रंप को हटाने की बात कर रहे हैं. उन्होंने राष्ट्रपति के बयानों को ‘बेतुका’ और ‘युद्ध अपराध’ बताया. रिपब्लिकन सीनेटर रॉन जॉनसन ने कहा कि वह ट्रंप की धमकियों का समर्थन नहीं करते और उम्मीद करते हैं कि यह केवल ‘धमकी’ ही है. वहीं, व्हाइट हाउस प्रवक्ता डेविस इंगले ने डेमोक्रेट्स की मांग को ‘दयनीय’ बताते हुए खारिज कर दिया. पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि ट्रंप युद्ध अपराध करने की धमकी दे रहे हैं और उनका यह व्यवहार अमेरिका की सुरक्षा और सैनिकों के लिए खतरनाक है.
डेमोक्रेट सांसदों ने जोर देकर कहा कि ट्रंप की धमकियों को गंभीरता से लिया जाए. कैलिफोर्निया की कांग्रेस सदस्य इल्हान उमर और रो खन्ना ने कहा कि 25वें संशोधन को लागू किया जाना चाहिए और उन्हें पद से हटाना जरूरी है.
मेलानी स्टैंसबरी और अन्य नेताओं ने कांग्रेस से तत्काल सत्र बुलाने और ट्रंप के कैबिनेट से 25वें संशोधन को लागू करने का आह्वान किया. उनका कहना था कि यह केवल राजनीतिक मसला नहीं, बल्कि अमेरिका और दुनिया के लिए बड़ा खतरा है.
कैलिफोर्निया के कांग्रेस सदस्य जिमी गोमेज़ और रोबर्ट गार्सिया ने कहा कि पूरी सभ्यता को नष्ट करने की धमकी पागलपन है और इससे वैश्विक संकट पैदा हो सकता है. टेक्सास की जूली जॉनसन और बोनी वॉटसन कोलमैन ने कहा कि अब समय आ गया है कि 25वें संशोधन का इस्तेमाल कर ट्रंप को हटाया जाए, क्योंकि उनका व्यवहार अस्थिर और खतरनाक है.
डेमोक्रेटिक कांग्रेसी मार्क पोकन ने कहा कि अगर ट्रंप की धमकियों पर अमल हुआ तो यह युद्ध अपराध होगा और सेना में सेवा करनेवालों की जान खतरे में पड़ेगी. उन्होंने पूछा कि क्या अब 25वें संशोधन को लागू करने का समय नहीं आ गया?
बता दें कि संविधान के 25वें संशोधन के तहत उपराष्ट्रपति और कैबिनेट का बहुमत राष्ट्रपति को अपने पद की शक्तियों और कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ घोषित कर सकता है और उपराष्ट्रपति को अस्थायी राष्ट्रपति का कर्तव्य सौंप सकता है. अगर राष्ट्रपति इस पर विवाद करते हैं, तो मामला कांग्रेस के पास जाता है, जो हाउस और सीनेट दोनों में दो-तिहाई बहुमत से सहमति दे सकती है.
वहीं, महाभियोग प्रक्रिया में हाउस में बहुमत और सीनेट में दो-तिहाई वोट की जरूरत होती है. ट्रंप को पहले भी दो बार महाभियोग का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्हें पद से हटाया नहीं गया. डेमोक्रेट्स का इरादा अगले हफ्ते कांग्रेस सत्र में ट्रंप की ईरान पर युद्ध शक्ति को सीमित करने के लिए प्रस्ताव लाने का है.
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