हरियाणा के गुरुग्राम से 4 अप्रैल को किडनैप हुए ऑटो चालक मनोज और उनके दो मासूम बच्चों, 6 वर्षीय मयूर और 3 वर्षीय लक्ष्य को बरेली पुलिस और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में बचा लिया. अपहरणकर्ता मनमोहन ने पुरानी रंजिश और प्रेम प्रसंग के विरोध के चलते इस वारदात को अंजाम दिया था. बरेली बाईपास पर किडनैपरों की तेज रफ्तार बोलेरो एक तेल टैंकर से टकरा गई, जिससे तीन बदमाशों की मौके पर ही मौत हो गई. गाड़ी की तलाशी के दौरान डिग्गी से बंधे हुए बच्चे मिले, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता के घर दबिश देकर मनोज को भी छुड़ा लिया.
सवारी बनकर आए और किया अपहरण
पीड़ित मनोज फरीदपुर का रहने वाला है और गुरुग्राम में ऑटो चलाता है. उसने बताया कि आरोपी सवारी बनकर उसके पास आया और पहाड़ी वाले मंदिर चलने को कहा. जब मनोज वहां पहुंचा, तो अचानक एक काले रंग की बोलेरो आई और उसके दोनों बच्चों को जबरन गाड़ी में डाल लिया गया. बदमाशों ने बच्चों की जान का डर दिखाकर मनोज को भी बंधक बना लिया. उसकी आंखों पर काली पट्टी बांधकर उसे बरेली लाया गया.
प्रेम प्रसंग बना किडनैपिंग की वजह
मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि आरोपी मनमोहन उनके गांव का ही रहने वाला है और गुरुग्राम में उनके पास रहता था. मनमोहन का मनोज की गोद ली हुई बेटी के साथ अफेयर था, जिसका मनोज लगातार विरोध करता था. इसी रंजिश में मनमोहन ने रास्ते से हटाने के लिए मनोज और उसके बच्चों की हत्या की साजिश रची थी. पूजा ने पहले ही पति को मनमोहन से दूर रहने की चेतावनी दी थी.
बरेली बाईपास पर कुदरत का ‘इंसाफ’
शनिवार को लापता हुए परिवार की तलाश में जब पुलिस जुटी थी, तभी रविवार शाम बरेली बाईपास पर एक भीषण हादसा हुआ. एक तेज रफ्तार बोलेरो तेल टैंकर में जा घुसी. इस हादसे में तीन किडनैपर- मनमोहन, सिकंदर और विशेष की मौत हो गई. साथ ही दो राहगीरों ने भी जान गंवाई. शुरुआत में पुलिस इसे सामान्य हादसा मान रही थी, लेकिन गाड़ी की जांच ने पूरी कहानी पलट दी.
गाड़ी की डिग्गी में मिले मासूम
एक्सीडेंट के बाद जब पुलिस ने बोलेरो की तलाशी ली, तो डिग्गी के अंदर हाथ-पांव बंधे दो मासूम बच्चे बेहोशी की हालत में मिले. पुलिस ने तुरंत गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया और फोटो साझा किए. पूजा ने बच्चों की पहचान मयूर और लक्ष्य के रूप में की. इसके बाद पुलिस ने घायल चौथे किडनैपर प्रिंस से पूछताछ की, जिसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.
दो तालों के पीछे कैद था पिता
घायल बदमाश से मिली जानकारी के आधार पर बरेली पुलिस ने फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर में आरोपी नत्थू के घर दबिश दी. घर के बाहर और अंदर के कमरे पर दो ताले लटके थे. पुलिस ने दरवाजा तोड़कर मनोज को सुरक्षित बाहर निकाला. मनोज को नत्थू के घर में बंधक बनाकर रखा गया था. पुलिस ने आरोपी नत्थू को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच जारी है.
पुलिस और ईश्वर का जताया आभार
इस खौफनाक मंजर से सुरक्षित बाहर निकले परिवार ने इसे ‘ईश्वर का इंसाफ’ करार दिया है. पूजा और मनोज ने मीडिया के सामने भावुक होते हुए कहा कि वे हरियाणा और बरेली पुलिस का एहसान जिंदगी भर नहीं भूलेंगे. पूजा के मुताबिक, बदमाशों ने फोन पर धमकी दी थी कि पुलिस को बताया तो सबको मार देंगे, लेकिन पुलिस की तत्परता से आज उनका पूरा परिवार एक साथ है.
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