अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से जारी जंग के बाद बुधवार सुबह सीजफायर का ऐलान किया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की अपील के बाद दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी है. लेकिन लगता है कि यह सीजफायर एक दिन भी नहीं टिक पाया.
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का कहना है कि ईरान की ओर से अभी भी मिसाइलें दागी जा रही हैं. यूएई ने कहा कि वह ईरान की ओर से आने वाली मिसाइलों की बौछार को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है.
यूएई का कहना है कि उनका एयर डिफेंस ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने के लिए सक्षम हैं. यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब कुछ ही घंटों पहले ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम हुआ था. हालांकि, यूएई ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमला किस जगह पर हो रहा है.
कुवैत की सेना ने कहा कि सुबह आठ बजे से ईरानी ड्रोन हमलों से निपटा जा रहा है. सेना ने बताया कि उसने कई ड्रोन को मार गिराया, जिनमें से कुछ दक्षिणी क्षेत्र में महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों और बिजली स्टेशनों को निशाना बना रहे थे, जिससे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है.
वही, ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने लावन रिफाइनरी में विस्फोट की खबर दी. ईरान के लावन आईलैंड पर एक तेल रिफाइनरी में बड़ा धमाका हुआ है. सीजफायर के बाद ईरान में धमाके की ये पहली घटना है. अभी विस्फोट के कारणों का पता नहीं चल सका है.
बता दें कि बुधवार सुबह अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 40 दिन से चल रही जंग पर सीजफायर हुआ है. इस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर 15 दिनों के लिए हमला नहीं करने पर सहमति जताई है.
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