अमेरिका और ईरान में सीजफायर का ऐलान होते ही दुनियाभर के शेयर बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिली. अमेरिका से लेकर एशियाई बाजारों में जबरदस्‍त उछाल रहा. भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्‍स और निफ्टी 3.60 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ गए. शेयर बाजार में तेजी के साथ ही सोना और चांदी के भाव में भी अच्‍छी रिकवरी आई.

बुधवार को मल्टी कामोडिटी मार्केट (MCX) पर इंट्राडे के दौरान सोना और चांदी के भाव में तेज उछाल देखने को मिला. सोना 4000 रुपये से ज्‍यादा चढ़कर 1,54,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. चांदी के भाव में भी अच्‍छी तेजी रही, जो 13,652 रुपये चढ़कर 2,45,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.

शेयर बाजारों में तेजी और कच्‍चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद कीमती धातुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. इससे पता चलता है कि निवेशक अभी भी सतर्क हैं और सोने जैसी सेफ निवेश असेट्स की ओर झुकाव रखते हैं. आइए जानते हैं सोने-चांदी के भाव में तेजी क्‍यों आई है?

क्‍यों बढ़ी सोने-चांदी की कीमतें?
एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर मिलने वाले इसके आकर्षक से लगातार लाभ मिल रहा है. हालांकि तनाव थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अनिश्चितता पूरी तरह से खत्‍म नहीं हुई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की उपाध्यक्ष अक्षा कंबोज ने कहा कि ईरान और अमेरिका की ओर से जारी युद्धविराम की खबरों के चलते सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. हालांकि इसका मकसद मौजूदा तनाव को कम करना है, लेकिन इससे अ‍निश्चितता के समय में सेफ निवेश के तौर पर काम करने वाले सोने में निवेश करने के प्रति निवेशकों को रुझान और मजबूत हुआ है.

चांदी को लेकर चेतावनी
उन्‍होंने आगे कहा कि हालांकि पूरा माहौल पॉजिटिव दिख रहा है, फिर भी शॉर्ट टर्म में कुछ उतार-चढ़ाव आने की संभावना है. निवेशकों की दिलचस्‍पी और इंडस्‍ट्री डिमांड दोनों के सपोर्ट से चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी आई है. कंबोज ने कहा कि ईरान-अमेरिका युद्धविराम समझौते के मद्देनजर निवेशकों के बीच सकारात्मक भावनाओं के साथ-साथ उद्योगों से निरंतर मांग के कारण चांदी की कीमत में तेजी देखी गई है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि चांदी सोने की तुलना में अधिक अस्थिर होती है, जिसका मतलब है कि कीमतें किसी भी दिशा में तेजी से बढ़ सकती हैं.

निवेशकों को क्‍या ध्‍यान देना चाहिए?
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, युद्धविराम ने वैश्विक भावना में सुधार किया है और लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के डर को कम किया है. उन्‍होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच 2 सप्‍ताह के अस्‍थायी युद्धविराम का ऐलान से ग्‍लोबल रिस्‍क लेने के नजरिए में काफी सुधार हुआ है, जिससे लंब समय तक चलने वाले संघर्ष और संभावित आपूर्ति रुकावट को लेकर चिंताएं कम हुई हैं.

उन्होंने आगे कहा कि सोना फिलहाल 1,53,000 रुपये से 1,55,000 रुपये के बीच कारोबार कर रहा है. अगर यह 1,55,000 रुपये से ऊपर जाता है, तो कीमतें 1,58,000 रुपये से 1,60,000 रुपये की ओर बढ़ सकती हैं. वहीं दूसरी ओर, 1,52,000 रुपये से नीचे गिरने पर कीमतें और नीचे जा सकती हैं.

चांदी की कीमतें 2,42,000 रुपये से 2,45,000 रुपये के आसपास बनी हुई हैं. 2,45,000 रुपये से ऊपर की बढ़त इसे 2,50,000 रुपये तक पहुंचा सकती है, जबकि 2,40,000 रुपये से नीचे गिरने पर कुछ सुधार देखने को मिल सकता है.

निवेशकों को अभी खरीदना चाहिए या बेचना चाहिए?
एक्‍सपर्ट्स मौजूदा स्तरों पर बड़ी खरीदारी के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं. सोने के लिए समय के साथ किस्तों में निवेश करना, उच्च कीमतों पर एक साथ मोटी रकम लगाने की तुलना में अधिक सुरक्षित हो सकता है. चांदी के मामले में निवेशकों को और भी अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इसमें अस्थिरता बहुत अधिक होती है. बढ़ती कीमतों के पीछे भागने के बजाय गिरावट के दौरान खरीदना एक बेहतर रणनीति हो सकती है.

(नोट- सोना या चांदी में खरीदारी से पहले योग्‍य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें. Aajtak.in किसी भी तरह की खरीदारी की सलाह नहीं देता है. यहां दी गई जानकारी एक्‍सपर्ट्स के अपने विचार हैं.)

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