मानव उत्पत्ति की कहानी काफी जटिल है.लाखों वर्ष पहले किसी समय आधुनिक इंसानों के पूर्वज अपने अलग-अलग प्रजातियों के साथ रहते थे और एक सतत विकास की प्रक्रिया के बाद होमोसेपियंस (आधुनिक इंसान) अस्तित्व में आए. ऐसे में ये सवाल उठता है कि इंसान और इनके पूर्वज यानी प्रथम मानव पृथ्वी के किस हिस्से में अस्तित्व में आए थे यानी पहला इंसान कहां पैदा हुआ था.
मानव का विकास कैसे हुआ? यह एक जटिल प्रश्न है, लेकिन कहां हुआ, इसका जवाब आसान है. आधुनिक इंसान और इनके पूर्वज मानव (होमोनिन) यानी इंसानों की अलग-अलग प्रजातियां सब की उत्पत्ति अफ्रीका में ही हुई थी. लगभग दो मिलियन वर्ष पूर्व अफ्रीका में प्रथम मानवों का उदय हुआ, जो आधुनिक मानवों, जिन्हें होमो सेपियंस के नाम से जाना जाता है. होमो सेपियंस भी अफ्रीका महाद्वीप में ही अस्तित्व में आए थे.
प्रथम मानव
सबसे पहले, यह जान लें कि “मानव” वह व्यक्ति है जो होमो (लैटिन में मनुष्य) वंश से संबंधित है. वैज्ञानिक अभी भी यह ठीक से नहीं जानते कि पहले मनुष्यों का विकास कब और कैसे हुआ, लेकिन उन्होंने कुछ सबसे पुराने मनुष्यों की पहचान कर ली है.
सबसे शुरुआती ज्ञात मनुष्यों में से एक होमो हैबिलिस है, जिसे ‘कुशल मानव’ भी कहा जाता है, जो लगभग 24 लाख से 14 लाख वर्ष पहले पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका में रहता था. अन्य में होमो रुडोल्फेंसिस शामिल है, जो लगभग 19 लाख से 18 लाख वर्ष पूर्व पूर्वी अफ्रीका में रहता था (इसका नाम केन्या के ईस्ट रुडोल्फ में इसकी खोज से पड़ा है) और होमो इरेक्टस (सीधा खड़ा होने वाला मानव),जो लगभग 1.89 मिलियन से 110,000 वर्ष पूर्व तक दक्षिणी अफ्रीका से लेकर आधुनिक चीन और इंडोनेशिया तक फैला हुआ था.
इन शुरुआती मनुष्यों के अलावा, शोधकर्ताओं ने एक अज्ञात ‘अतिप्राचीन’ समूह के साक्ष्य भी खोजे हैं जो लगभग दो मिलियन वर्ष पहले अफ्रीका में ही अन्य मनुष्यों से अलग हो गया था. फरवरी 2020 में साइंस एडवांसेज में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, इन अतिप्राचीन मनुष्यों ने निएंडरथल और डेनिसोवन के पूर्वजों के साथ प्रजनन किया था. अतिप्राचीन मानवों के बाद प्राचीन मानव आए, जिनमें निएंडरथल, डेनिसोवन और अन्य मानव समूह शामिल थे, जो अब अस्तित्व में नहीं हैं.
पुरातत्वविदों को निएंडरथल या होमो निएंडरथलेंसिस के बारे में 19वीं शताब्दी से ही जानकारी थी, लेकिन डेनिसोवन की खोज उन्होंने 2008 में हुई. यह समूह इतना नया है कि इसका अभी तक कोई वैज्ञानिक नाम नहीं है. तब से, शोधकर्ताओं ने पाया है कि सिर्फ निएंडरथल और डेनिसोवन ही आपस में प्रजनन नहीं करते थे, बल्कि आधुनिक मनुष्यों के पूर्वजों साथ भी इनका संबंध था.
जब मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट (विकासवादी मानव विज्ञान संस्थान) को निएंडरथल से न्यूक्लियर डीएनए अनुक्रमित डेटा मिलना शुरू हुआ, तो यह बहुत जल्दी स्पष्ट हो गया कि आधुनिक मनुष्यों में कुछ निएंडरथल डीएनए मौजूद है. वैज्ञानिक अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मानवों की अलग-अलग प्रजातियों के बीच यह अंतर-समूहीय संबंध कब हुआ था. आधुनिक मनुष्यों ने लगभग 70,000 साल पहले अफ्रीका से यूरोप और एशिया आने के बाद निएंडरथल के साथ संबंध बनाए होंगे.
आदि मानव के पूर्वजों में सिखने-सीखाने का कौशल भी था
मानव के पूर्वज प्रजातियों ने आपस में सिर्फ संबंध ही नहीं बनाए, बल्कि एक दूसरे को अपने कौशल और ज्ञान से भी अवगत कराया था. 2018 में नेचर पत्रिका में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, जिसके मुख्य लेखक सोरेनसेन थे. लगभग 50,000 साल पहले अफ्रीका से निकलकर आधुनिक फ्रांस में आने वाले निएंडरथल आग जलाना जानते थे. आग जलाना एक महत्वपूर्ण कौशल है जो विभिन्न मानव समूहों ने एक-दूसरे को सिखाया होगा. संभवतः यह कौशल निएंडरथल ने ही कुछ आधुनिक मनुष्यों को सिखाया होगा.
इन तथ्यों से यह साबित होता है कि आधुनिक इंसान के पूर्वज जिसे हम होमोसेपिंयस कहते हैं और दूसरी मानव प्रजातियां जैसे निएंडरथल, अस्ट्रेलियोपैथिक्स, डेनिसोवन और सभी होमो इरेक्ट्स, इन सब की उत्पत्ति अफ्रीका में हुई थी. पहले ये अफ्रीका के अलग-अलग हिस्सों में फैले, फिर दूसरे महाद्वीपों की ओर बढ़ते चले गए.
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