भारतीय गैंगस्टरों के बीच का खूनी संघर्ष अब हरियाणा और पंजाब से होते हुए कनाडा और अमेरिका तक पहुंचा गया है. पिछले 48 घंटों के भीतर कैलिफोर्निया में दो भारतीय अपराधियों की हत्या के दावों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उसके धुर विरोधी रोहित गोदारा गैंग के बीच शुरू हुई गैंगवार अब चरम पर है.
इस खूनी खेल की शुरुआत मंगलवार को हुई, जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से ‘सरपंच बॉस’ नाम के सोशल मीडिया हैंडल पर एक सनसनीखेज पोस्ट डाली गई. इसमें दावा किया गया कि कुख्यात गैंगस्टर भानु राणा की कैलिफोर्निया में हत्या कर दी गई है. इसमें लिखा गया, “ये देशद्रोही भानु मारा गया है. इसे साहिल दुहान और बिश्नोई गैंग से मारा है.”
हैरानी की बात यह है कि बिश्नोई गैंग ने दावा किया कि उन्होंने भानु राणा की लाश को जमीन में गाड़ दिया है ताकि वो कभी मिल न सके. भानु हरियाणा के करनाल का रहने वाला था और नवंबर 2025 में अमेरिका में पकड़ा गया था. उस पर हत्या और रंगदारी जैसे दर्जनों मामले दर्ज थे. बिश्नोई गैंग के दावे के 24 घंटे के अंदर गोदारा गैंग ने पलटवार किया.
गोदारा गैंग ने दावा किया कि उन्होंने कैलिफोर्निया के बेकर्सफील्ड में लॉरेंस बिश्नोई के शूटर ‘काका राणा’ की हत्या कर दी है. अरविंद गिल्ली राणा और रोहित गोदारा के नाम से किए गए पोस्ट में लिखा गया, “कल रात जो काका राणा का मर्डर हुआ है, वो हमने करवाया है. यह लॉरेंस का शूटर था, इसलिए इसे मारकर लाश जमीन में दफना दी गई है.”
गोदारा गैंग ने अपने पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए उसे ‘देश का गद्दार’ करार दिया. खुफिया एजेंसियों के पास पुख्ता इनपुट हैं कि पंजाब और हरियाणा के गैंगस्टर अब कनाडा के बजाय अमेरिका को अपना नया ठिकाना बना रहे हैं. ये अपराधी अवैध तरीके से यानी ‘डंकी रूट’ के जरिए अमेरिका में दाखिल होते हैं.
अमेरिका पहुंचते ही जब एफबीआई (FBI) इन्हें हिरासत में लेती है, तो ये कानूनी पेचीदगियों का सहारा लेते हैं. ये गैंगस्टर अदालतों में अर्जी देते हैं कि यदि उन्हें भारत वापस भेजा गया तो वहां उनकी जान को खतरा है. इसी आधार पर ये बेल हासिल कर वहां अपना साम्राज्य चलाने की कोशिश करते हैं. हाल के दिनों में अमेरिका में कई बड़े गैंगस्टरों की गिरफ्तारी हुई है.
इसमें खालिस्तानी आतंकी हैप्पी पासिया और गोल्डी बराड़ के नाम भी सामने आए हैं. लॉरेंस का भाई अनमोल बिश्नोई भी अमेरिका में पकड़ा गया था, जिसे बाद में भारत डिपोर्ट कर दिया गया. अनमोल पर सिद्धू मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी जैसे हाई-प्रोफाइल मर्डर केसों का आरोप है. बिश्नोई गैंग ने अपने पुराने साथी गोल्डी ढिल्लों से किनारा कर लिया है.
बिश्नोई गैंग की सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, गोल्डी ढिल्लों अब ड्रग्स और मुखबिरी में शामिल है. उसका अब बिश्नोई गैंग से कोई लेना-देना नहीं है. फिलहाल, अमेरिका में हुई इन दो हत्याओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय गैंगस्टरों के बढ़ते नेटवर्क और उनकी आपसी रंजिश को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है. हालांकि, आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.
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