ईरान और अमेरिका की जंग के बीच सीजफायर कराने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है. चीन के प्रयासों के बाद पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिनों का सीजफायर करा दिया है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमेशा शर्मिंदगी झेलते आए पाकिस्तान के लिए यह बहुत बड़ी बात है और वो इसे अपनी बड़ी कामयाबी के तौर पर पेश कर रहा है.
अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे अपने देश की बड़ी उपलब्धि बताई है और कहा है कि पाकिस्तान अब हमेशा के लिए बदल चुका है. शहबाज शरीफ ने कहा, ‘पाकिस्तान हमेशा से लिए बदल चुका है…मैं आपसे कह रहा हूं… कराची से लेकर पेशावर तक, पाकिस्तान बदल चुका है. दुनिया हमें इज्जत और सम्मान की नजर से देख रही है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘ये इज्जत किसी एक हुकूमत की नहीं बल्कि पूरे कौम की है, एक आम आदमी की है, एक किसान की है, एक मजदूर की है, दुकानदार, अफसर, यतीम, बेवा…ये सबकी इज्जत है.’
सीजफायर हुआ लेकिन आ रही उल्लंघन की खबरें
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध पर सीजफायर तो हुआ है लेकिन कुछ घंटे बाद ही इसके उल्लंघन की खबरें भी आने लगीं. कुवैत, लेबनान और ईरान में मिसाइल हमले हुए हैं. इजरायल लेबनान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है जिसपर ईरान ने नाराजगी जताई है. ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अगर लेबनान पर इजरायली हमले नहीं थमे तो वो मौजूदा संघर्षविराम से पीछे हट जाएगा.
सीजफायर उल्लंघन को लेकर ईरान ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को फोन मिला दिया और शिकायत की. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने मुनीर के साथ फोन पर बातचीत के दौरान युद्धविराम उल्लंघनों पर चिंता जताई. संघर्षविराम की कोशिशों में पाकिस्तान की सरकार के साथ-साथ उसकी सेना भी शामिल थी.
ईरानी विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, अरागची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख मुनीर के साथ बातचीत में ईरान और लेबनान में इजरायल के हमलों का मुद्दा उठाया.
इसके बाद शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ट्वीट किया है जिसमें वो लिखते हैं, ‘संघर्ष क्षेत्र में कुछ जगहों पर युद्धविराम के उल्लंघन की खबरें मिली हैं. ये शांति प्रक्रिया की भावना को कमजोर करती हैं. मैं सभी पक्षों से आग्रह करता हूं कि वे संयम बरतें और जैसा कि तय हुआ है, युद्धविराम का सम्मान करें, ताकि कूटनीति को आगे बढ़ाया जा सके.’
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