दिल्ली विधानसभा सुरक्षा मामला: बूम बैरियर तोड़कर घुसी कार, संतरी को दो बार कुचलने की कोशिश, कई धाराओं में केस दर्ज – Delhi Assembly Security Breach Accused Breaks Boom Barrier Attempts to Run Over Sentry Twice In FIR Copy lclnt


राजधानी नई दिल्ली स्थित दिल्ली विधानसभा में हुए सिक्योरिटी ब्रीच मामले में दर्ज एफआईआर की कॉपी सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह मामला 6 अप्रैल 2026 का है, जब एक तेज रफ्तार कार ने विधानसभा परिसर की सुरक्षा को धता बताते हुए अंदर घुसने की कोशिश की. एफआईआर के मुताबिक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के हेड कांस्टेबल जय प्रकाश नारायण गेट नंबर-2 पर ड्यूटी पर तैनात थे. दोपहर करीब 2:10 बजे एक सफेद टाटा सिएरा (UP26AZ8090) तेज रफ्तार में गेट की ओर आती दिखी. उस समय गेट बंद था और उस रास्ते से प्रवेश की अनुमति नहीं थी, बावजूद इसके चालक ने रुकने के संकेत को नजरअंदाज कर दिया.

आरोप है कि चालक ने जानबूझकर गाड़ी की स्पीड बढ़ाई और गेट के साथ बूम बैरियर को तोड़ते हुए अंदर घुस गया. इस दौरान उसने संतरी को कुचलने की कोशिश की, लेकिन संतरी किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहा. इसके बाद आरोपी वाहन को विधानसभा के मुख्य पोर्च तक ले गया.

वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोकने और बाहर जाने को कहा, लेकिन उसने धमकी दी और परिसर के अंदर ही तेज रफ्तार में गाड़ी चलाकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली. इतना ही नहीं, आरोपी दोबारा गेट नंबर-2 की ओर लौटा और फिर से संतरी को कुचलने की कोशिश की, हालांकि इस बार भी संतरी बच गया.

एफआईआर में आरोपी का हुलिया भी दर्ज किया गया है. उसकी उम्र करीब 35 से 40 साल बताई गई है, रंग गेहूंआ है और गले में लाल रंग का मफलर था.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और पीसीआर टीम मौके पर पहुंची. जांच के लिए क्राइम टीम और एफएसएल टीम को बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से पेंट के सैंपल, गाड़ी के टूटे हिस्से, बाल, आर्टिफिशियल फूल और माला जैसे सबूत जुटाए. घायल संतरी को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया.

इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 132, 333 और 109(1) के तहत केस दर्ज किया है, साथ ही पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज प्रिवेंशन एक्ट की धारा 3 भी लगाई गई है. आरोपी पर हत्या के प्रयास, उच्च सुरक्षा क्षेत्र में जबरन घुसपैठ, सरकारी काम में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *