हर बैरल पर एक डॉलर और वो भी बिटकॉइन में… होर्मुज टोल पर ईरान ने सेट किया रूल – iran strait of hormuz oil tanker crypto toll news ntc dhrj


अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम के बीच ईरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल यातायात मार्गों में से एक पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. तेहरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर 1 डॉलर प्रति बैरल का शुल्क यानी टोल लगाने की योजना बना रहा है. सबसे खास बात यह है कि ईरान चाहता है कि यह भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में किया जाए.

ईरान का यह कदम ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर के बाजारों की नजरें इस समुद्री रास्ते पर टिकी हैं. भले ही सीजफायर की वजह से सीधा संघर्ष थमा हुआ है, लेकिन ईरान इस अहम रूट पर अपना दबदबा छोड़ने को तैयार नहीं है. फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के तेल और गैस निर्यात संघ का कहना है कि वे अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज की बारीकी से जांच करेंगे. किसी भी टैंकर को आगे बढ़ने की हरी झंडी तभी मिलेगी, जब ईरान उसके सामान की पूरी तलाशी ले लेगा.

ईरान के अधिकारियों का तर्क है कि वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सीजफायर के इन दो हफ्तों का इस्तेमाल कहीं हथियारों को इधर-उधर करने के लिए तो नहीं किया जा रहा. इस नए प्लान के मुताबिक, हर टैंकर को पहले ईमेल पर अपने सामान की पूरी डिटेल भेजनी होगी. इसके बाद अधिकारी टोल का हिसाब लगाएंगे और पेमेंट के लिए बहुत ही कम समय दिया जाएगा. ईरान ने साफ कर दिया है कि उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है, भले ही इस पूरी प्रक्रिया में जहाजों को कितना भी समय लग जाए.

समंदर में हालात इस वक्त काफी गंभीर हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, जहाजों को रेडियो पर लगातार चेतावनी दी जा रही है कि अगर किसी ने बिना इजाजत या बिना टोल दिए निकलने की कोशिश की, तो उस पर हमला किया जा सकता है. इस सख्ती का नतीजा यह है कि खाड़ी के समंदर में करीब 400 जहाज कतार में खड़े हैं. वहां का नजारा किसी पार्किंग लॉट जैसा हो गया है, जहां लाखों बैरल तेल फंसा हुआ है. बड़ी कंपनियां डरी हुई हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे आगे बढ़ें या रुकें.

पूरी दुनिया की नजरें अब ट्रंप के अगले कदम पर

ईरान के इस कदम ने पूरी दुनिया के तेल बाजार में हलचल मचा दी है. बड़ी शिपिंग कंपनियां जैसे मर्स्क (Maersk) फिलहाल हालात सुधरने का इंतजार कर रही हैं. ईरान अब जहाजों को अपने तट के करीब से गुजारने का दबाव बना रहा है, जिससे पश्चिमी देशों के जहाजों के लिए खतरा बढ़ सकता है. यह मामला अब अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति की बातचीत में सबसे बड़ा रोड़ा बन गया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी स्थिति साफ कर दी है. उनका कहना है कि कोई भी समझौता तभी टिक पाएगा जब ईरान इस रास्ते को पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से खुला रखेगा. वहीं, ओमान जैसे पड़ोसी देशों ने ईरान के इस टोल वाले आइडिया को गलत बताया है. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से इस रास्ते पर कोई टैक्स नहीं वसूला जा सकता. अब देखना यह होगा कि अमेरिका के दबाव के बीच ईरान अपनी इस जिद पर अड़ा रहता है या पीछे हटता है.

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