ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नेविगेशन एडवाइजरी जारी किए हैं, ताकि वे समुद्र में बिछे बारूदी सुरंगों (Sea Mines) के खतरे से बच सकें. एडवाइजरी में जहाजों को नए मैप पर निर्धारित मार्गों से गुजरने का निर्देश दिया गया है. होर्मुज एक बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया का करीब 20% तेल और गैस सप्लाई होता है.
हालांकि, यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से जहाजों के लिए खुला है या नहीं. बीती रात कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरान ने लेबनान पर इजरायली हमलों के बाद इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से बंद कर दिया था. तेहरान का कहना है कि लेबनान पर इजरायल का यह हमला अमेरिका के साथ हुए संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन था.
दोनों देशों के बीच हुए संघर्षविराम समझौते के तहत, अमेरिका और इजरायल को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकनी है, जबकि तेहरान ने होर्मुज से जहाजों को गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई है. इस समझौते में इजरायल को लेबनान पर भी हमले रोकने की बात कही गई है. लेकिन, इजरायल इससे इनकार कर रहा है. दो हफ्तों का यह संघर्षविराम समझौता क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए बातचीत का रास्ता खोलने के उद्देश्य से किया गया है.
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जहाजों के एंट्री और एग्जिट कॉरिडोर तय
न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि जहाजों को नए ट्रैफिक पैटर्न का पालन करना होगा, ताकि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और बारूदी सुरंगों से संपर्क का जोखिम कम हो. एडवाइजरी में जहाजों के लिए विशेष एंट्री और एग्जिट कॉरिडोर तय किए गए हैं. ईरान की नौसेना ने जहाजों को होर्मुज से गुजरते समय अपने साथ संपर्क बनाए रखने की भी सलाह दी है.
नई एडवाइजरी के मुताबिक लारक आइलैंड के उत्तर से होकर ओमान सागर की तरफ से आने वाले जहाजों को फारस की खाड़ी में प्रवेश करना होगा. वहीं, फारस की खाड़ी से बाहर जाने वाले जहाजों को आइलैंड के दक्षिण से गुजरते हुए तय मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि खतरनाक क्षेत्रों से दूरी बनाई जा सके. अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को दो सप्ताह का संघर्षविराम समझौता हुआ, जिसमें पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई.
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होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टैरिफ?
यह समझौता इस शर्त पर हुआ कि तेहरान होर्मुज के जरिए तेल और गैस आपूर्ति पर लगी रोक हटाएगा. इस संबंध में डोनाल्ड ट्रंप ने भी जानकारी दी थी. एक ईरानी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि इस रणनीतिक जलमार्ग को आंशिक रूप से शुक्रवार तक खोला जा सकता है, लेकिन यह ईरानी निगरानी में होगा. ईरान ने संकेत दिया है कि भविष्य में स्थायी शांति समझौते के तहत होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टैरिफ लगाया जा सकता है.
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर मतभेद सामने आए हैं. ओमान ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि यह मौजूदा समझौतों का उल्लंघन होगा, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टैरिफ सिस्टम पहले से लागू हो चुका है. इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने एबीसी न्यूज को बताया कि अमेरिका भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टैरिफ लगाने के लिए ईरान के साथ मिलकर एक सिस्टम बनाने पर विचार कर रहा है.
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