बुधवार को शेयर बाजार में आई धुंआधार तेजी के बाद गुरुवार को बाजार में फिर गिरावट हावी हो गई. सेंसेक्स 931.25 अंक या 1.20% गिरकर 76,631.65 पर बंद हुआ और निफ्टी 222.25 या 0.93% गिरकर 23,775.10 पर आ गया. निफ्टी बैंक में 882 अंकों की गिरावट देखने को मिली.
16 खास इंडेक्स में से 11 में गिरावट दर्ज की गई. पिछले सत्र में 5.5 प्रतिशत की बढ़त के बाद फाइनेंस शेयरों में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई. निफ्टी स्मॉलकैप100 इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की तेजी हुई, जबकि निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ.
एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में क्रमशः 1.8 प्रतिशत और 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई. वहीं, होनसा कंज्यूमर के शेयरों में तिमाही नतीजों में मजबूत प्रदर्शन के बाद 4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है.
शेयर बाजार में यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब बुधवार को अमेरिका-ईरान के बीच सीजफार का ऐलान किया गया था. हालांकि, कुछ देर बाद ही इजराय और ईरान दोनों तरफ से सीजफायर टूटने की कुछ-कुछ खबरें आईं. इजरायल ने लेबलान पर हमला किया है, जबकि ईरान ने मिडिल ईस्ट में मिसाइलें दागी हैं. इन हरकतों की वजह से शेयर बाजार भी सतर्क हो चुका है. आइए जानते हैं वो वजहें, जिस कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट हावी रही.
क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट?
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बाद नया टेंशन पैदा हो गया है. ट्रंप ने कहा है कि जबतक समझौता पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता, अमेरिकी सेनाएं ईरान और उसके आसपास तैनात रहेंगी और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. वहीं लेबनाम में लगातार इजरायली हमले हो रहे हैं, जिसने सीजफायर उल्लंघन का संकेत दे रहा है.
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.09 प्रतिशत बढ़कर 96.73 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो शेयर बाजार में गिरावट का संकेत है.
- दक्षिण कोरिया के कोस्पी, जापान के निक्केई 225, शंघाई के एसएसई कंपोजिट और हांगकांग के हैंग सेंग समेत एशियाई बाजार पिछले सत्र की तेजी के बाद गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. ग्लोबल मार्केट में भी गिरावट के संकेत हैं.
- विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 2,811.97 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार निकासी से घरेलू बाजारों पर दबाव पड़ता है क्योंकि इससे लिक्विडिटी कम होती है.
- फिर जंग छिड़ने की आशंका के बीच रुपये में 17 पैसे की गिरावट आई और यह 92.71 पर पहुंच गया.
- भारत में VIX में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई और यह 20.29 के स्तर पर पहुंच गया.
निवेशकों को नुकसान
बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन बुधवार को 445.51 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया था, लेकिन आज घटकर 444.62 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. ऐसे में देखा जाए तो करीब 90 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
(नोट- किसी भी शेयरा में निवेश से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
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