आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी Anthropic ने एक बार फिर धमाका किया है. लेकिन इस बार धमाके का आईटी कंपनियों पर कोई असर नहीं पड़ा है. दरअसल, AI सेक्टर में बदलावों के बीच Anthropic ने एक नया और पावरफुल AI मॉडल Mythos पेश किया है. लेकिन इस बार अमेरिका समेत दुनिया भर के आईटी कंपनियों के शेयरों पर इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है.
महज दो महीने में ही AI को लेकर स्थितियां बदलती नजर आ रही हैं. एंथ्रोपिक ने Mythos मॉडल को फिलहाल सीमित स्तर पर लॉन्च किया है. इसे सीधे सार्वजनिक करने के बजाय चुनिंदा बड़ी टेक कंपनियों और संस्थानों जैसे Amazon Web Services, Apple, Microsoft, Google और NVIDIA के साथ मिलकर टेस्ट किया जा रहा है.
यही कारण है कि अब आईटी कंपनियों में AI के बदलते स्वरूप को लेकर थोड़ा डर कम हुआ है. यानी अब एंथ्रोपिक ने ही आईटी कंपनियों के साथ समझौता कर लिया है, तो फिर बाजार में घबराहट कम होना लाजिमी है. इस बीच गुरुवार को TCS के शेयर 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ, जबकि HCL Tech के शेयर फ्लैट बंद हुए.
आईटी शेयरों में दबाव क्यों नहीं?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस बार आईटी शेयरों में बड़ी बिकवाली इसलिए नहीं दिख रही है, क्योंकि निवेशकों को यह भरोसा है कि AI कंपनियों को पूरी तरह से खत्म नहीं करेगा, बल्कि उनके साथ मिलकर काम करेगा. Mythos खासतौर पर साइबर सिक्योरिटी में बेहद प्रभावी बताया जा रहा है. यह सॉफ्टवेयर में कमजोरियों को पहचानने और उन्हें ठीक करने में इंसानों से भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है. पहले इसी को लेकर डर था, कि बड़ी आईटी कंपनियों का क्या होगा? लेकिन दो महीने में स्थिति साफ होती नजर आ रही है.
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services (MOFSL) का मानना है कि AI का इस्तेमाल नए डिजिटल सिस्टम्स में ज्यादा आसान है, जहां शुरुआत से ही क्लाउड और AI आधारित ढांचा तैयार किया जाता है. इसका मतलब यह है कि पारंपरिक आईटी कंपनियों के पास भी खुद को बदलने और AI के साथ तालमेल बिठाने का समय और अवसर मौजूद है.
बता दें, फरवरी 2026 में जब Anthropic ने AI का ‘Opus’ मॉडल लॉन्च किया था, तब आईटी सेक्टर में भारी गिरावट आई थी, क्योंकि निवेशकों को डर था कि AI इंसानी कामों को तेजी से रिप्लेस कर देगा. Apple, Microsoft, Google और NVIDIA के शेयरों में बड़ी गिरावट आई थी. भारतीय आईटी कंपनियों टीसीएस और इंफोसिस के शेयर भी धड़ाम हो गए थे.
एंथ्रोपिक भी अब समझौते के मूड में
लेकिन Mythos के मामले में यह डर कम होता दिख रहा है, क्योंकि इसे सहयोगी तकनीक के रूप में पेश किया जा रहा है, यानी इसके आने से आईटी कंपनियों को अपने में बदलाव करना होगा, लेकिन उनके पास जो काम है, उसपर किसी तरह का असर नहीं होगा. यही वजह है कि Mythos के ऐलान के बाद अमेरिका लेकर भारत तक आईटी कंपनियां ग्रीन जोन में कारोबार कर रही हैं, और इस नए AI टूल को पॉजीटिव लिया जा रहा है.
ग्लोबल ट्रेंड भी अब यही संकेत दे रहा है कि AI और साइबर सिक्योरिटी कंपनियां अब प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि साझेदार बन रही हैं. कई रिपोर्ट्स में यह सामने आया है कि Mythos जैसे मॉडल्स कंपनियों की सुरक्षा क्षमता को बढ़ा सकते हैं. जो कि आईटी कंपनियों के लिए भी फायदेमंद हो सकती हैं.
बता दें, Anthropic एक अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी है, जो हाईटेक AI मॉडल्स और सेफ्टी AI सिस्टम बनाने पर काम करती है. इसकी स्थापना 2021 में हुई थी और इसे पूर्व OpenAI के कुछ रिसर्चर्स ने शुरू किया था.
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