एक्टर अविनाश तिवारी अपनी फिल्मों की लिस्ट से काफी खुश हैं, लेकिन वह मानते हैं कि एक तरह की फिल्में हैं जिनकी कमी उन्हें खलती है, और वह हैं ‘फैमिली एंटरटेनर’ फिल्में. अपनी आने वाली फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ के साथ वह इस कमी को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं, और उन्होंने इस बात पर भी बात की कि आखिर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ऐसी फिल्मों की कमी क्यों है?

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर अविनाश तिवारी से बॉलीवुड में फैमिली एंटरटेनर फिल्मों की कमी के बारे में पूछा गया. एक्टर ने इसका बड़ा ही सोच-समझकर जवाब दिया.

क्या कहा अविनाश तिवारी ने?
इसके पीछे के कारणों पर सोचते हुए उन्होंने कहा, “बहुत अच्छी फिल्में बन रही हैं, और जो बन रही हैं उन्हें हम जाकर देख भी रहे हैं, और देखना भी चाहिए. लेकिन अगर मैं कुल मिलाकर सोचूं, तो मुंबई में बहुत सारे प्रवासी लोग रहते हैं. लोग अलग-अलग जगहों से यहां आते हैं, वे अपने दोस्तों और पार्टनर्स के साथ बाहर जाते हैं, इसलिए प्रवासन (migration) की वजह से संयुक्त परिवारों का कॉन्सेप्ट कम हो गया है.’

एक्टर ने यह भी कहा, ‘टिकटों की कीमतें भी एक वजह हैं, और कहीं न कहीं हमने इस दायरे के लोगों के लिए फिल्में बनाने के बारे में सोचना बंद कर दिया है. यहां तक ​​कि अपने ही घर में, मैंने अपनी भाभी से पूछा कि आपने बच्चों को मेरी कौन सी फिल्म दिखाई है? उन्होंने कहा, ‘एक में तो तुम पागल हो रहे हो (लैला मजनू), एक में चुड़ैल आ गई (बुलबुल), तो ये बच्चों को कैसे दिखाएं?’ तो, मुझे एहसास हुआ कि मेरे अपने घर के बच्चे भी मेरी फिल्में नहीं देख रहे हैं.’

इस एहसास के बारे में अविनाश को झकझोर दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं भी बहुत दिखावा कर रहा था कि मैंने बहुत अलग-अलग तरह का काम किया है. पर कहीं न कहीं हमारी सोच से ही वह चीज गायब होती जा रही है – ‘परिवार’ का विचार. नजरिया थोड़ा ज्यादा ‘व्यक्तिवादी’ (individualistic) हो गया है. इस फिल्म के साथ, हमारी उम्मीद है कि हम परिवारों को वापस थिएटर तक ला पाएंगे.’

परिवार के साथ कौन-सी फिल्म देखी?
अविनाश ने याद करते हुए बताया कि आखिरी फिल्म जो उन्होंने अपने परिवार के साथ जाकर देखी थी, वह 2023 की फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ थी. जिसमें रणवीर सिंह और आलिया भट्ट लीड रोल में थे. उसके बाद से कितना समय बीत गया है, जब कोई ऐसी फिल्म आई हो जिसे हम अपने परिवार के साथ जाकर देख सकें. मुझे नहीं पता कि हम इस बात पर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं.

एक्टर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, ‘हम कहते हैं कि टिकट नहीं बिक रहे हैं, लेकिन अगर हम कोई पारिवारिक फिल्म बनाते हैं, तो अगर पूरा परिवार आता है, तो एक टिकट छह में बदल जाता है. अगर मैं कोई फिल्म बना रहा हूं, तो मैं इस बात का ध्यान क्यों नहीं रखूंगा? यह सोच क्यों नहीं है? मेरी समझ में नहीं आता.’

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