इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में 9 अप्रैल (गुरुवार) को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच ईडन गार्डन्स में खेले गए मुकाबले में एक कैच को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. लखनऊ सुपर जायंट्स के स्पिनर दिग्वेश सिंह राठी ने केकेआर के सलामी बल्लेबाज फिन एलन का जो कोच लिया, वो अब सवालों के घेरे में है. रिप्ले में सामने आए एंगल्स ने इस फैसले की पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है.

पूरा वाकया इस मैच के दूसरे ओवर में हुआ. उस ओवर में प्रिंस यादव की दूसरी गेंद पर फिन एलन ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की. गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर डीप थर्ड मैन की दिशा में हवा में चली गई. बाउंड्री के पास खड़े दिग्वेश सिंह राठी ने शानदार संतुलन दिखाते हुए कैच लपक लिया. पहली नजर में यह एक बेहतरीन कैच लगा, लेकिन असली ड्रामा इसके बाद शुरू हुआ.

मैदान पर मौजूद अंपायरों ने कैच की वैधता जांचने के लिए थर्ड अंपायर की मदद ली, जिसके बाद फिन एलन को आउट करार दे दिया गया. हालांकि, सामने आए रिप्ले में यह साफ नहीं हो पाया कि दिग्वेश सिंह राठी का बायां पैर बाउंड्री रोप से टच हुआ या नहीं. कुछ एंगल्स में पैर रोप के बेहद करीब दिखा. कुछ में हल्का संपर्क होने की आशंका नजर आई. यही वजह है कि इस फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया.

फिन सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हुए, जिससे कोलकाता नाइट राइडर्स को शुरुआती झटका लगा. पावरप्ले में विकेट गिरने से टीम का मोमेंटम प्रभावित हुआ और मैच की दिशा बदलती नजर आई. क्रिकेट के नियमों के अनुसार, अगर कैच लेते समय फील्डर का कोई भी हिस्सा सीधे बाउंड्री रोप को छूता है, तो उसे कैच नहीं माना जाता और बल्लेबाज को छह रन मिलते हैं.

ऐसे में अगर दिग्वेश सिंह राठी का पैर रोप से टच हुआ था, तो यह कैच अमान्य होता और बल्लेबाज के खाते में 6 रन जुड़ने चाहिए थे. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ ने इसे शानदार कैच बताया. वहीं कई यूजर्स ने अंपायरिंग पर सवाल उठाए और इसे गलत फैसला करार दिया.

दिग्वेश सिंह राठी का यह कैच भले ही देखने में शानदार था, लेकिन उसकी वैधता पर उठा सवाल मैच की सबसे बड़ी चर्चा बन गया. आईपीएल जैसे बड़े मंच पर ऐसे करीबी फैसले हमेशा बहस को जन्म देते हैं और यह मामला भी उसी कड़ी में जुड़ गया है.

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