नोएडा में साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े इंटरनेशनल साइबर ठगी गैंग का पर्दाफाश करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने सेक्टर-16 स्थित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया. जांच में सामने आया कि यहीं से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी का बड़ा खेल चलाया जा रहा था.

डीसीपी शैव्या गोयल के अनुसार, आरोपी गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी कस्टमर केयर और टेक सपोर्ट के नाम से पेड विज्ञापन चलाते थे. इन विज्ञापनों में टोल-फ्री नंबर दिए जाते थे, जिन पर कॉल करने वाले सीधे ठगों के नेटवर्क से जुड़ जाते थे.

यह भी पढ़ें: इंजीनियर युवराज की मौत से नहीं लिया सबक, नोएडा में गड्ढे में डूबने से गई छात्र की जान

जैसे ही कोई विदेशी नागरिक कॉल करता, कॉल आरोपियों के लैपटॉप में इंस्टॉल कॉलिंग सॉफ्टवेयर पर पहुंचती थी और ठगी की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी.

टेक सपोर्ट बनकर करते थे ठगी

आरोपी खुद को टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बताकर लोगों को यह यकीन दिलाते थे कि उनका कंप्यूटर हैक हो गया है या डेटा चोरी हो रहा है. इसके बाद वे स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए पीड़ित के कंप्यूटर का एक्सेस ले लेते थे.

इसके बाद आरोपी स्क्रीन ब्लैक कर देते थे, जिससे पीड़ित को लगता था कि उसका सिस्टम पूरी तरह हैक हो गया है. इसी दौरान वे बैंकिंग डिटेल और अन्य निजी जानकारी हासिल कर लेते थे.

खाते में कम पैसे होने पर आरोपी 100 से 500 डॉलर तक की रकम वसूलते थे, जबकि अधिक बैलेंस वाले पीड़ितों का कॉल सीनियर को ट्रांसफर कर ज्यादा रकम वसूलने की कोशिश की जाती थी.

क्रिप्टो के जरिए वसूली और करोड़ों का खेल

पुलिस के मुताबिक, ठगी से वसूली गई रकम क्रिप्टो करेंसी के जरिए ली जाती थी, जिससे ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए. पूछताछ में सामने आया कि गैंग विदेशी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है.

आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े अहम सबूत मिले हैं. थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *