अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड देखने को मिला, जिसमें पाकिस्तानी यूजर्स खुद को दुनिया का पीसमेकर बताने लगे. हालांकि यह ट्रेंड ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया और देखते ही देखते यह मजाक और ट्रोलिंग का कारण बन गया. सीजफायर की घोषणा के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पाकिस्तानी अकाउंट्स से एक जैसी पोस्ट्स सामने आने लगीं. इन पोस्ट्स में दावा किया गया कि जब वो किसी विदेशी एयरपोर्ट पर पहुंचे तो इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें ग्लोबल पीसमेकर कहकर धन्यवाद दिया.
इन पोस्ट्स का पैटर्न लगभग एक जैसा था. एक यूजर लिखता कि वह जर्मनी, इटली, कनाडा या अमेरिका के एयरपोर्ट पर उतरा और जैसे ही उसने अपना पाकिस्तानी पासपोर्ट दिखाया, अधिकारी मुस्कुराते हुए बोले कि आप दुनिया में शांति लाने वाले देश से आते हैं और हम आप पर गर्व करते हैं. कई पोस्ट्स में एयरपोर्ट की तस्वीरें भी लगाई गईं, ताकि दावा विश्वसनीय लगे. लेकिन इंटरनेट यूजर्स ने जल्द ही इन पोस्ट्स के बीच समानता पकड़ ली और इसे कॉपी-पेस्ट ट्रेंड करार दिया.
सीजफायर के बाद ‘पीसमेकर’ बनने की होड़
कुछ यूजर्स ने तो इसे आईएसआई टूलकिट का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह एक संगठित प्रचार अभियान हो सकता है. कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या वाकई इतनी बड़ी संख्या में लोग एक ही तरह का अनुभव कर सकते हैं या यह सिर्फ एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए किया जा रहा है. इन पोस्ट्स में कुछ यूजर्स ने और भी बड़े दावे किए. एक ने लिखा कि पाकिस्तान ने भारत को ऊर्जा संकट से बचाया और इसके लिए धन्यवाद देना चाहिए. वहीं दूसरे ने दावा किया कि पाकिस्तान ने युद्धरत देशों को बातचीत की मेज पर लाकर भारत को आर्थिक संकट से भी बचाया.
कुछ पोस्ट्स में पाकिस्तान के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की गई. एक यूजर ने लिखा कि शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान ने दुनिया को बचाया और जब दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के कगार पर थी, तब पाकिस्तान ने अपनी कूटनीति और सैन्य रणनीति से शांति स्थापित की. हालांकि इन दावों को सोशल मीडिया पर ज्यादा समर्थन नहीं मिला. भारत और ईरान के यूजर्स ने इन पोस्ट्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी और जमकर ट्रोल किया. कई लोगों ने इसे मजाक बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह से बनावटी कहानी है.
एयरपोर्ट पर धन्यवाद मिलने के दावों पर उठा संदेह
एक पोस्ट पर कम्युनिटी नोट भी जोड़ा गया, जिसमें साफ लिखा गया कि यह पोस्ट अन्य समान पोस्ट्स की कॉपी है और केवल एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए बनाई गई है, जो प्लेटफॉर्म के नियमों के खिलाफ है. कुछ यूजर्स ने कई ऐसे पोस्ट्स को एक साथ जोड़कर दिखाया और कहा कि यह किसी संगठित प्रचार अभियान जैसा लग रहा है. एक यूजर ने लिखा कि ऐसा लगता है जैसे आईएसआई या संबंधित एजेंसियों की ओर से यह टूलकिट एक्टिव किया गया है.
वहीं कुछ लोगों ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि पिछले 24 घंटे में दुनिया के अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर पहुंचे पाकिस्तानी यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि हर जगह उन्हें धन्यवाद दिया जा रहा है. कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि किसी को पाकिस्तानी कह देना ही अपने आप में ट्रोलिंग जैसा हो गया है. इस तरह के कमेंट्स ने इस पूरे ट्रेंड को और ज्यादा वायरल बना दिया.
‘टूलकिट’ या ट्रेंड, इंटरनेट पर छिड़ी बहस
इस पूरी घटना में खास बात यह रही कि जो ट्रेंड खुद को वैश्विक शांति का प्रतीक दिखाने के लिए शुरू हुआ था, वही ट्रोलिंग और मीम्स का विषय बन गया. विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के ट्रेंड्स अक्सर तेजी से फैलते हैं, लेकिन अगर उनमें विश्वसनीयता की कमी हो तो वे जल्दी ही उल्टा असर भी डाल सकते हैं. फिलहाल यह साफ है कि सीजफायर के बाद शुरू हुआ यह पीसमेकर ट्रेंड सोशल मीडिया पर टिक नहीं पाया और अब यह एक बड़े मजाक में बदल चुका है.
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पाकिस्तान पीसमेकर ट्रेंड
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