तेल संकट से घबराया चीन, सीजफायर के बाद ‘एंडगेम’ का खिलाड़ी बनने की कोशिश – china iran us ceasefire peace efforts trump visit middle east ntc drmt


अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के बाद अब चीन बड़ा एक्शन लेने की तैयारी में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन जाने वाले हैं और इससे पहले चीन ईरान-अमेरिका युद्ध के स्थायी समाधान पर जोर दे रहा है.

चीन फारस की खाड़ी के तेल पर अमेरिका से कहीं ज्यादा निर्भर है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से चीन की ऊर्जा आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई थी. वहीं, ट्रंप ने एक ‘एएफपी’ को बताया था कि ईरान के साथ सीजफायर के लिए राजी करने में चीन का भी बड़ा हाथ रहा.

ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार होने की वजह से चीन ने ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लौटने के लिए मनाया. तीन राजनयिकों ने इसकी पुष्टि भी की है.

शुरुआत में, चीन ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमलों की निंदा करते हुए इसे गलत बताया था. लेकिन जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल की दिक्कतें आने लगीं तो चीन ने सीधे तौर पर इसमें दखल दिया. चीन ने सभी देशों को हमले रोकने की सलाह दी.

बता दें कि इस वीकेंड पर पाकिस्तान में ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता हो सकती है. पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत होने की खबरें हैं. चीन अब इस युद्ध के ‘एंडगेम’ का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहा है, ताकि मिडिल-ईस्ट में हालात को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके.

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सीजफायर के बाद भी इजरायल का हमला जारी

एक तरफ अमेरिका और ईरान ने दो हफ्ते के सीजफायर पर हस्ताक्षर किए हैं, दूसरी तरफ इजरायल का लेबनान पर हमला जारी है. सीजफायर के कुछ घंटे बाद ही इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर हमले किए थे जिसमें 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. अब इजरायल ने आज भी दक्षिणी लेबनान के कस्बों पर हवाई हमले किए हैं. इजरायली सेना ने अल-बायसरिया के बाहरी इलाके खिरबत अल-दुवैर क्षेत्र को भी निशाना बनाया.

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