ऋषिकेश में उद्घाटन से पहले ही ‘दरक’ गया बजरंग सेतु… तीसरी बार कांच में आई दरारें; आवाजाही रोकी गई – rishikesh bajrang setu glass footpath cracks quality concerns pwd investigation lcln


उत्तराखंड के ऋषिकेश, टिहरी और पौड़ी जनपद को जोड़ने के लिए बन रहे बजरंग सेतु की क्वालिटी एक बार फिर सवालों के घेरे में है. पुल के कांच वाले फुटपाथ में दरारें आने के बाद एहतियातन दोनों ओर से आवाजाही बंद कर दी गई है. यह तीसरी बार है जब फुटपाथ का कांच क्षतिग्रस्त हुआ है, जिससे निर्माण कार्य की क्वालिटी पर गंभीर संदेह खड़े हो गए हैं.

बताया जा रहा है कि ट्रायल के बाद अभी तक इस ब्रिज का आधिकारिक रूप से उद्घाटन नहीं हुआ है, और मनाही के बावजूद लोग फुटपाथ पर चल रहे हैं. साथ ही, क्रैक आने के बाद भी यह काफी वजन सहन कर सकता है.

लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर ने साल 2022 में लक्ष्मण झूला के पास इस पुल का निर्माण शुरू किया था. करीब 69.20 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस सेतु की लंबाई 132.30 मीटर और चौड़ाई 5 मीटर है, जबकि दोनों ओर पारदर्शी कांच के फुटपाथ बनाए गए हैं. हालांकि, अभी तक पुल का उद्घाटन नहीं हुआ है, इसके बावजूद पिछले दो महीनों से यहां स्थानीय लोगों और पर्यटकों की आवाजाही जारी रही, जहां लोग कांच पर खड़े होकर फोटो और सेल्फी लेते नजर आए.

लगातार कांच टूटने की घटनाओं से स्थानीय लोगों में नाराजगी है और उन्होंने निर्माण कार्य की जांच व जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है.

गौरतलब है कि 92 साल पुराने लक्ष्मण झूला पुल को 16 अप्रैल 2022 को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था और उसी के विकल्प के रूप में इस सेतु का निर्माण किया जा रहा है. देखें VIDEO:-

अब उद्घाटन से पहले ही सामने आ रही खामियों ने पूरे प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि संबंधित अधिकारी इस मामले पर जवाब देने से बचते नजर आ रहे हैं.

PWD सचिव डॉक्टर पंकज पांडेय ने क्वालिटी चेक को लेकर सख्त आदेश दिए हैं. हालांकि ‘आजतक’ से बातचीत में पांडेय ने साफ किया कि 12 mm के 5 ग्लास की एक लेयर होती है और यह टफन ग्लास काफी मजबूत होते हैं. चटकने पर भी किसी को हानि नहीं हो सकती. प्रथम दृष्टया लगता है कि किसी ने पत्थर से मारा है. इसके सीसीटीवी भी लगाए जा रहे हैं और पूरी जांच होने के बाद ग्लास को चेक करने के उपरांत ही लोगों को बजरंग सेतु के प्लेटफार्म पर आने जाने की इजाजत होगी. (रिपोर्ट:- प्रमोद नौटियाल)

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *