पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज अमेरिका और ईरान के बीच एक बहुत बड़ी मीटिंग होने वाली है. सब उम्मीद लगा रहे हैं कि शायद अब युद्ध रुक जाए और शांति हो, लेकिन इसी बीच एक ऐसी बात सामने आई है जिसने पूरे मामले को थोड़ा पेचीदा बना दिया है. दरअसल, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि चीन शायद ईरान को हथियार या सेना का सामान भेजने की तैयारी कर रहा है.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस इनपुट के बाद अमेरिका सतर्क हो गया है और चीन की गतिविधियों पर नजर रख रहा है. देखा जाए तो यह पूरा मामला काफी उलझ गया है. एक तरफ शांति की बातें हो रही हैं और दूसरी तरफ चीन की इस मदद वाली खबर ने नया मोड़ दे दिया है. जानकारों का कहना है कि अगर चीन ने सच में ईरान को हथियार दिए, तो शांति की जो भी कोशिशें चल रही हैं, उनमें अड़चन आ सकती है. यह खबर भी ऐसे वक्त पर आई है जब बस कुछ ही घंटों बाद दोनों देशों के बड़े नेता एक साथ बैठने वाले हैं.
बता दें कि पाकिस्तान में हो रही इस बैठक को ईरान कितनी गंभीरता से ले रहा है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि ईरान ने अपने सबसे काबिल 70 अधिकारियों की एक बड़ी टीम इस काम के लिए भेजी है. हालांकि, ईरान ने मेज पर बैठने से पहले ही अपनी बात साफ कर दी है. उसने सीधे-सीधे कह दिया है कि अमेरिका के साथ असली बातचीत तभी शुरू होगी जब वॉशिंगटन उसकी पुरानी शर्तों को मान लेगा.
ईरान का यह कड़ा रवैया बता रहा है कि वह शांति तो चाहता है, लेकिन अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों और अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा. वह किसी भी दबाव में झुकने को तैयार नहीं है. अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चीन वाली इस खबर और ईरान की सख्त शर्तों के बीच, क्या सच में कोई रास्ता निकल पाएगा या बात फिर बिगड़ जाएगी.
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