अहमदाबाद में डिजिटल भुगतान के फर्जी स्क्रीनशॉट भेजकर व्यापारियों को ठगने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी पर 50 से अधिक व्यापारियों से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और कपड़ों सहित सामान ठगने का आरोप है. पुलिस ने उसके पास से करीब 10.87 लाख रुपये का माल-सामान भी बरामद किया है. आरोपी ने नवरात्रि के दौरान पार्टी प्लॉट के टिकट भी इसी तरीके से हासिल किए थे.
दरअसल, यह मामला बोपल-अंबली रोड स्थित एक कपड़ा व्यापारी की शिकायत के बाद सामने आया. बोपल निवासी मयूरभाई की पर्दों की दुकान पर एक युवक आया और 40 हजार रुपये का कपड़ा खरीदा. उसने बैंक डिटेल लेकर भुगतान का स्क्रीनशॉट भेजा, लेकिन व्यापारी के खाते में पैसा नहीं पहुंचा. जब युवक का मोबाइल बंद मिला, तो व्यापारी ने सरखेज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.
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सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने घाटलोडिया स्थित घर से आरोपी को गिरफ्तार किया. आरोपी ने अपना नाम ऋषिल शाह बताया था. पुलिस ने उसके पास से लाखों रुपये का सामान जब्त किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
फर्जी पहचान और कई केस दर्ज
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ गांधीनगर और अहमदाबाद में कुल आठ मामले दर्ज हैं. वह कार में फर्जी नंबर प्लेट रखता था और दूसरे नाम के सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था, ताकि आसानी से पकड़ा न जा सके.
पुलिस के अनुसार आरोपी बीबीए तक पढ़ा है और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करता था. वह कैन्वास ऐप में मैसेज एडिट कर फर्जी भुगतान का स्क्रीनशॉट तैयार करता और दुकानदारों को दिखाकर सामान लेकर फरार हो जाता था.
इस तरीके से उसने कई व्यापारियों को अपना शिकार बनाया और लाखों रुपये का सामान ठग लिया.
गरबा टिकट भी ठगे
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने नवरात्रि के दौरान “सफेद परिंदे” जैसे मशहूर गरबा में भी फर्जी मैसेज दिखाकर 45 टिकट हासिल किए थे. इसके बाद उसने टिकट बार-बार बेचकर पैसे कमाए और मौज-मस्ती में खर्च कर दिए. पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों और ठगी के मामलों की जांच में जुटी हुई है.
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