उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मियांपुर गांव का नाम बदलकर रवींद्र नगर करने की घोषणा के बाद गांव के लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है. मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश से आए हिंदू परिवारों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित किए और ऐलान किया कि अब मियांपुर को रवींद्र नगर के नाम से जाना जाएगा, जो रवींद्रनाथ टैगोर के सम्मान में रखा गया है.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने वर्षों तक लोगों से वोट तो लिए, लेकिन उन्हें स्वामित्व अधिकार नहीं दिए. उन्होंने कहा कि गांव का नाम मियांपुर रखकर लोगों की पहचान छिपाने की कोशिश की गई, जबकि यहां एक भी ‘मियां’ नहीं रहता. अब यह गांव रवींद्र नगर कहलाएगा और इसकी पहचान राष्ट्रगान के रचयिता रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़ी होगी.
मियांपुर, लखीमपुर खीरी जिले की मोहम्मदी तहसील का एक छोटा सा गांव है, जहां मूल रूप से पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए बंगाली भाषी हिंदू परिवार बसे थे. सरकार ने उन्हें जमीन तो दी थी, लेकिन अधिकार सीमित थे. ऐसे ही परिवार सुजानपुर, मोहनपुर ग्रांट और ग्रांट-3 में भी बसे हुए हैं.
गांव के महंत मंडल, सुमेंद्र, चित्रंजन विश्वास, किरण देवी और बिंती सहित कई ग्रामीणों ने नाम बदलने के फैसले का समर्थन किया. महंत मंडल ने कहा कि इससे गांव और यहां के लोगों को ‘सही पहचान’ मिली है. चित्रंजन विश्वास ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से नाम बदलने की मांग कर रहे थे, जिसे विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया.
पूर्व ग्राम प्रधान वीरेंद्र नाथ बाला ने भी इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि उनकी वर्षों पुरानी इच्छा अब पूरी हो गई है. वहीं दीपक विश्वास ने कहा कि गांव में मुस्लिम परिवार न होने के बावजूद ‘मियांपुर’ नाम अजीब लगता था, इसलिए लंबे समय से इसे बदलने की मांग की जा रही थी.
विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अधिकतर ग्रामीणों को यह भी नहीं पता था कि गांव का नाम मियांपुर कैसे पड़ा. ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने यह मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने उठाया, जिसे स्वीकार कर लिया गया. इस फैसले से गांव के लोगों में खुशी का माहौल है.
—- समाप्त —-

