डोनाल्ड ट्रंप को कनाडाई पीएम का सबसे बड़ा जवाब, अमेरिकी कंपनियों को जाने वाला अरबों का रक्षा फंड अब रोका – canada pm mark carney speech reduce us dependency defense spending local industry policy NTC agkp

ByCrank10

April 12, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब तक कनाडा का सैन्य खर्च यानी रक्षा बजट का 70 फीसदी हिस्सा अमेरिका को जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. यह पैसा अब कनाडा में ही रहेगा और कनाडाई लोगों और कंपनियों पर खर्च होगा.

प्रधानमंत्री कार्नी ने ऐलान किया है कि अब कनाडा ‘बाई कैनेडियन’ यानी कनाडाई सामान खरीदो की नीति अपनाएगा. इसका मतलब है कि जब भी कनाडा की केंद्र सरकार कुछ खरीदेगी तो सबसे पहले कनाडाई कंपनियों और कनाडाई सप्लायर्स को मौका मिलेगा. अमेरिकी कंपनियों को अब वो फायदा नहीं मिलेगा जो पहले मिलता था.

यह फैसला क्यों लिया गया?

यह फैसला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के बीच चल रहे तनाव की वजह से लिया गया है. ट्रंप ने कनाडा पर कई तरह के टैरिफ यानी आयात शुल्क लगाए हैं और कनाडा को लेकर कई विवादित बयान दिए हैं. इसके जवाब में कनाडा के नए प्रधानमंत्री कार्नी ने यह दिखाना चाहा कि वो अपने देश के हितों की रक्षा के लिए कड़े फैसले ले सकते हैं.

कार्नी ने क्या संदेश दिया?

कार्नी ने अपने भाषण में कहा कि वो कनाडा के लोगों के साथ खड़े हैं और उनकी नई सरकार भी उनके साथ है. उन्होंने कहा कि अब कनाडा को मजबूत बनाने के लिए कनाडा का ही स्टील, कनाडा का ही एल्युमिनियम, कनाडा की ही लकड़ी और कनाडा के ही मजदूरों का इस्तेमाल होगा. यह एक तरह से अपने देश को पहले रखने का संदेश था.

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इसका अमेरिका पर क्या असर होगा?

अमेरिका की बड़ी रक्षा कंपनियों को कनाडा से मिलने वाले करोड़ों डॉलर के ऑर्डर अब कम होंगे या बंद हो सकते हैं. कनाडा का रक्षा बजट छोटा नहीं है और उसका 70 फीसदी हिस्सा रोकना अमेरिकी कंपनियों के लिए बड़ा झटका है.

यह पैसा अमेरिका को क्यों जाता था?

जब कोई देश अपनी सेना के लिए हथियार, गाड़ियां, जहाज, मिसाइल या दूसरा सामान खरीदता है तो वो किसी कंपनी से खरीदता है. कनाडा अब तक अपने रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा यानी हर 1 डॉलर में से 70 सेंट अमेरिकी कंपनियों को देता था.  यानी अमेरिकी कंपनियां कनाडा की सेना के लिए सामान बनाती थीं और कनाडा उन्हें पैसे देता था.

कनाडा-अमेरिका के रिश्तों पर क्या असर होगा?

यह फैसला दोनों देशों के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ाएगा. ट्रंप और कार्नी के बीच पहले से ही रिश्ते अच्छे नहीं हैं. कनाडा का यह कदम साफ संदेश है कि वो अब अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहता.

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