कल्पना कीजिए, एक देश का आर्मी चीफ, वो भी राष्ट्रपति का बेटा. सोशल मीडिया पर बैठकर दूसरे देश को 30 दिन का अल्टीमेटम दे दे. कहे कि या तो 1 अरब डॉलर दो, या तुम्हारी सबसे खूबसूरत महिला मुझे पत्नी बनाकर सौंप दो, नहीं तो राजनयिक संबंध तोड़ देंगे और दूतावास बंद कर देंगे. ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है. 11 अप्रैल 2026 को युगांडा के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस मुहूजी काइनेरुगाबा का असली पोस्ट है. और ये बयान किसी आम व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि ऐसे देश के लिए था जो न्यूक्लियर ताकत रखता है और NATO का हिस्सा है.

शनिवार को X  पर मुहूजी काइनेरुगाबा लिखा कि तुर्की से 1 अरब डॉलर के अलावा वे उस देश की सबसे खूबसूरत महिला को अपनी पत्नी बनाना चाहते हैं. मुहूजी ने इसे सोमालिया में युगांडा की आतंकवाद विरोधी भूमिका से जोड़ते हुए कहा कि तुर्की को ‘सिक्योरिटी डिविडेंड’ देना चाहिए. मतलब हम आपकी सुरक्षा में मदद कर रहे हैं, तो उसका कुछ हिस्सा हमें भी दो.  मुहूजी ने साफ कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो 30 दिनों के भीतर तुर्की का दूतावास बंद कर दिया जाएगा और दोनों देशों के संबंध खत्म कर दिए जाएंगे.

यह बयान सामने आते ही दुनियाभर में वायरल हो गया. कुछ लोग इस पर हंस रहे हैं, कुछ हैरान हैं, तो कई इसे महिला विरोधी और बेहद अजीब बता रहे हैं. हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब मुहूजी ने इस तरह का विवादित बयान दिया हो. उनकी पूरी शख्सियत, परिवार और पहले के बयानों को देखें, तो समझ आता है कि ऐसी सोच कहां से आती है.

मुहूजी कौन हैं?

मुहूजी काइनेरुगाबा युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के सबसे बड़े बेटे हैं. मुसेवेनी 1986 से युगांडा की सत्ता में हैं और अब तक पद पर बने हुए हैं. ऐसे में मुहूजी को उनका संभावित उत्तराधिकारी भी माना जाता है, यानी वे आगे चलकर देश के राष्ट्रपति बन सकते हैं.

राष्ट्रपति का बेटा और सत्ता की विरासत

मुहूजी काइनेरुगाबा का जन्म 24 अप्रैल 1974 को तंजानिया के दार एस सलाम में हुआ. उस समय उनके पिता सत्ता के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे. बाद में उन्होंने तंजानिया, युगांडा और ब्रिटेन में पढ़ाई की. यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम से पढ़ने के बाद उन्होंने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित सैंडहर्स्ट मिलिट्री अकादमी से ट्रेनिंग ली. 1999 में वे युगांडा पीपुल्स डिफेंस फोर्स में शामिल हुए और तेजी से तरक्की करता गया. उसने स्पेशल फोर्सेस कमांड का नेतृत्व किया, लैंड फोर्सेस कमांडर रहा और मार्च 2024 में उन्हें चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस बना दिया गया.

नेपोटिज्म प्रोडक्ट है मुहूजी?

मुहूजी मिलिट्री विषयों पर किताबें पढ़ने का शौकीन है और 2010 में “Battles of the Ugandan Resistance” नाम की किताब भी लिख चुका हैं. उनके समर्थक उन्हें बोल्ड, समस्या सुलझाने वाला और लोगों से जुड़ने वाला नेता मानते हैं. वहीं आलोचक कहते हैं कि उनका पूरा कद उनके पिता की वजह से है और यह नेपोटिज्म का उदाहरण है.

मुहूजी की पत्नी कौन है?
मुहूजी ने 1999 में शार्लेट नानकुंडा कुटेसा से शादी की. शार्लेट एक राजनीतिक परिवार से आती हैं. उनके पिता सैम कुटेसा युगांडा के पूर्व विदेश मंत्री रह चुके हैं. शार्लेट ने इकोनॉमिक्स में मास्टर्स किया है और उन्हें शांत स्वभाव की महिला माना जाता है. उनके तीन बच्चे हैं.

शार्लेट आमतौर पर सार्वजनिक जीवन से दूर रहती हैं और परिवार पर ध्यान देती हैं. कभी-कभी वे अपने पति के साथ खास मौकों पर नजर आती हैं. मुहूजी के तुर्की वाले बयान के बाद लोग उनके निजी जीवन को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं.

महिला सैनिकों को स्कर्ट पहनने को कहा

मुहूजी खुद को ‘ट्वीटिंग जनरल’ कहते हैं और अक्सर विवादित पोस्ट करते हैं, जिन्हें बाद में डिलीट भी कर देते हैं. इससे पहले उसने इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से शादी के बदले 100 गायें देने का ऑफर किया था.

मुहूजी महिला सैनिकों को ट्राउजर्स पहनने से मना करते हुए कहा था कि उन्हें स्कर्ट पहनकर मार्च करना चाहिए. यही नहीं, वे अपने देश की महिलाओं को लेकर भी कई आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं. एक बार महिलाओं के शरीर पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा था कि हम उन महिलाओं को गिरफ्तार करना शुरू कर देंगे. यह देश के भविष्य के लिए है. हम ऐसी महिलाओं को नहीं रख सकते जो मर्दों जैसी दिखती हों.” यह बयान युगांडा की महिलाओं के संदर्भ में दिया गया था.

इन बयानों की वजह से महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और आम लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिलती है. कई लोग उन्हें महिला विरोधी और पिछड़ी सोच वाला बताते हैं.

युगांडा में मुहूजी की छवि कैसी है?
युगांडा में मुहूजी को लेकर राय बंटी हुई है. उनके समर्थक खासतौर पर सत्ताधारी पार्टी और सेना से जुड़े लोग उन्हें मजबूत और भविष्य का नेता मानते हैं. वहीं आलोचक उन्हें एक घटिया इंसान मानते हैं. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां राष्ट्रपति मुसेवेनी की लोकप्रियता करीब 54 फीसदी है, वहीं मुहूजी की सिर्फ 35 फीसदी के आसपास है.

देश के कुछ हिस्सों में उन्हें खासा नापसंद किया जाता है. कई लोग मानते हैं कि वे अपने पिता की सत्ता का ही विस्तार हैं. सोशल मीडिया पर भी उनका मजाक उड़ाया जाता है. तुर्की वाले बयान पर लोगों ने लिखा कि टिंडर इस्तेमाल कर लेते, दूतावास बंद करने की क्या जरूरत थी!

आखिर इसका मतलब क्या है?
मुहूजी काइनेरुगाबा की शख्सियत कई विरोधाभासों से भरी हुई है. एक तरफ वे प्रशिक्षित सैन्य अधिकारी हैं, किताबें लिखते हैं और खुद को मजबूत नेता के रूप में पेश करते हैं. दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर उनके बयान अक्सर हैरान करने वाले और विवादित होते हैं.

तुर्की वाला बयान भले ही मजाक या किसी रणनीतिक संदेश के तौर पर दिया गया हो, लेकिन इससे कूटनीति, महिला सम्मान और नेतृत्व की छवि पर गंभीर सवाल उठते हैं. युगांडा में सत्ता परिवर्तन को लेकर पहले से ही चर्चा है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुहूजी भविष्य में देश की कमान संभाल पाते हैं या उनके बयान ही उनके रास्ते में रुकावट बनते हैं.

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