’11 हजार की सैलरी में तो 4 हजार का सिलेंडर ही…’, नोएडा में प्रदर्शन के बीच कर्मचारियों  का महंगाई पर छलका दर्द – salary 11000 lpg gass cylinder price 4 thousand room rent said noida workers protest labour rules news lclg


नोएडा के कई इलाकों में प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के भीरत सुलग रहे गुस्से का ‘बम’ फट पड़ा. सेक्टर-62, 59, 84 और सूरजपुर के आसपास के पूरे इलाके में कर्मचारी सड़कों पर आ गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. हालात ऐसे बिगड़े कि कई जगहों पर गाड़ियों में आग लगा दी गई, तो कहीं फैक्ट्रियों के बाहर तोड़फोड़ शुरू हो गई. पुलिस की मौजूदगी के बावजूद भीड़ का गुस्सा इतना ज्यादा था कि हालात काबू में लाना आसान नहीं रहा. सड़कों पर धुआं, टूटे शीशे, भागते लोग दिखे. लेकिन इस हंगामे के पीछे सिर्फ गुस्सा नहीं था बल्कि एक लंबा दबा हुआ दर्द था, जो अब बाहर आ रहा.

प्रदर्शन के बीच सबसे ज्यादा जो बात सामने आई, वो थी महंगाई और कम वेतन की मार. एक महिला कर्मचारी ने बताया कि 11 हजार की सैलरी में तो 4 हजार का सिलेंडर ही आ जाता है. बाकी खर्चा कहां से करें ?  उनकी बात सुनते ही आसपास खड़े कई लोग सहमति में सिर हिलाने लगे. महिला ने आगे कहा, हर चीज महंगी हो गई है. गैस भरवाओ तो 400 रुपये किलो पड़ रही है. घर का किराया अलग, बच्चों की फीस अलग लेकिन सैलरी वही की वही. ऐसे में कैसे जिएं?

किराया भी बढ़ा, सफर भी महंगा

पुनीत नाम के एक कर्मचारी ने अपनी रोजमर्रा की परेशानी बताते हुए कहा, मैं जिस जगह से ई-रिक्शा लेकर फैक्ट्री जाता हूं, पहले 10 रुपये लगता था. अब वही 20 रुपये हो गया है. छोटी-छोटी चीजें भी अब जेब पर भारी पड़ रही हैं. वह कहते हैं, तीन दिन तक हम शांति से प्रदर्शन कर रहे थे, किसी ने नहीं सुना. मजबूरी में हमें सड़क पर उतरना पड़ा. कोई शौक नहीं है हंगामा करने का.

काम ज्यादा, सैलरी कम… और जवाब शून्य

कई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे 10-12 घंटे तक काम लिया जाता है, लेकिन उसके मुकाबले सैलरी बेहद कम है. एक कर्मचारी ने कहा, ऊपर वाले अधिकारी कभी सैलरी की बात ही नहीं करते. बस काम लो जब हम अपनी बात रखते हैं तो कोई सुनने को तैयार नहीं होता. महिला कर्मचारियों ने भी साफ कहा कि इतनी कम सैलरी में शहर में रहना मुश्किल हो गया है. किराया हर साल बढ़ता है, लेकिन हमारी सैलरी नहीं बढ़ती.

नोएडा में चारों तरफ जाम

इस प्रदर्शन का असर सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहा. दिल्ली-नोएडा बॉर्डर से लेकर अंदरूनी सड़कों तक ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित हो गया. खासकर एनएच-9 पर हालात इतने खराब हो गए कि वाहनों की लंबी कतारें कई किलोमीटर तक फैल गईं. सुबह ऑफिस जाने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान रहे. कई लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे. कुछ ने तो गाड़ी बंद कर सड़क किनारे खड़े होकर हालात समझने की कोशिश की.

एक महिला कर्मचारी, जो नोएडा में ही काम करती हैं, ने बताया, मैं 7:30 बजे घर से निकली थी ताकि जाम से बच सकूं, लेकिन एक घंटे से ज्यादा तक गाड़ी एक इंच भी नहीं चली. लोग गाड़ियों से उतरकर आगे क्या हुआ है, ये देखने जा रहे थे. स्थिति को संभालने के लिए दिल्ली और नोएडा पुलिस को कई जगहों पर तैनात किया गया. ट्रैफिक को डायवर्ट करने की कोशिशें की गईं, लेकिन वाहनों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि हालात जल्दी सामान्य नहीं हो सके. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन लगातार कोशिश की जा रही थी कि किसी बड़ी घटना को रोका जा सके. जाम में फंसे लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर की. किसी ने लिखा हर दिन नया जाम, कोई समाधान नहीं. तो किसी ने कहा कि पहले ही देर से निकलते हैं, ऊपर से ये हालात. ऑफिस पहुंचना ही मुश्किल हो गया है.

प्रशासन हरकत में, बुलाई गई अहम बैठक

हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए. नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-06 स्थित सभागार में एक बड़ी बैठक बुलाई गई, जिसमें प्रशासन, पुलिस और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में यह साफ कहा गया कि कर्मचारियों और उद्यमियों दोनों के हितों की रक्षा जरूरी है. सरकार की प्राथमिकता औद्योगिक शांति बनाए रखना और कर्मचारियों का कल्याण सुनिश्चित करना है.

क्या-क्या वादे किए गए

अधिकारियों ने बताया कि नए श्रम नियमों के तहत कई अहम प्रावधान लागू किए जा रहे हैं :

– न्यूनतम वेतन की गारंटी

– समय पर पूरा वेतन भुगतान

– ओवरटाइम पर दोगुना पैसा

– साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य

– समान काम के लिए समान वेतन

– ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा

इसके अलावा छंटनी की स्थिति में मुआवजा, सुरक्षित कार्यस्थल और महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान भी शामिल किए गए हैं.

महिलाओं की सुरक्षा और शिकायत व्यवस्था

प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए कि हर कंपनी में आंतरिक शिकायत समिति बनाई जाए, जिसकी अध्यक्षता महिला सदस्य करें. साथ ही शिकायत पेटियां लगाने और हेल्पलाइन के जरिए समस्याओं के समाधान की व्यवस्था भी की गई है. कर्मचारियों की मदद के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है.

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