बिजनौर के नांगल सोती क्षेत्र के दिनौड़ा गांव में रविवार रात हुई तीन अलग-अलग आगजनी की घटनाओं ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. खास बात यह रही कि तीनों घटनाएं मुस्लिम समुदाय के परिवारों से जुड़ी हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है और कई सवाल खड़े हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, गांव निवासी अब्दुल हक के घेर में खड़ा एक छोटा ट्रैक्टर अज्ञात लोगों द्वारा आग लगाकर पूरी तरह जला दिया गया. आग इतनी तेजी से फैली कि ट्रैक्टर को बचाने का कोई मौका नहीं मिला और वह पूरी तरह राख हो गया. इस घटना से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.
दूसरी घटना गांव से करीब 600 मीटर दूर हुई, जहां अनीस अंसारी के स्ट्रॉबेरी फार्म को निशाना बनाया गया. फार्म में आग लगने से हजारों रुपये का सामान जलकर राख हो गया. किसानों के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि स्ट्रॉबेरी की खेती में काफी मेहनत और लागत लगती है. तीसरी घटना में अहसान के घर के बाहर खड़ी दो कारों को भी आग लगाने की कोशिश की गई. हालांकि समय रहते आग नहीं पकड़ सकी और बड़ा नुकसान टल गया. अगर आग फैल जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी.
दिनौड़ा गांव में एक रात में तीन जगह आगजनी से फैली दहशत
सुबह जब ग्रामीणों को इन घटनाओं की जानकारी मिली तो गांव में हड़कंप मच गया. पीड़ित परिवारों के होश उड़ गए और पूरे गांव में डर का माहौल बन गया. लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है.
इस घटना पर थानाध्यक्ष अमर सिंह राठौड़ ने बताया कि आगजनी की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया. प्रथम दृष्टया यह मामला किसी शरारती तत्व की हरकत लग रहा है. अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है. हालांकि इस पूरी घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या यह केवल शरारती तत्वों की करतूत है या फिर किसी सुनियोजित साजिश के तहत एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया गया. आखिर तीनों घटनाएं एक ही रात में और सिर्फ एक ही समुदाय के लोगों के साथ ही क्यों हुईं.
यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या आरोपियों को पहले से इन परिवारों और उनके ठिकानों की जानकारी थी. जिस तरह से अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाया गया, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि घटना योजनाबद्ध हो सकती है. गांव में सुरक्षा व्यवस्था और रात्रि गश्त पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर निगरानी होती तो शायद इन घटनाओं को रोका जा सकता था.
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भय और आक्रोश दोनों का माहौल है. पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है. साथ ही उन्होंने हुए नुकसान की भरपाई की भी मांग की है. फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है. आने वाले समय में जांच के निष्कर्ष यह साफ करेंगे कि यह घटनाएं महज संयोग थीं या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है.
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की
बता दें, बिजनौर में पहले भी किरतपुर थाना क्षेत्र से ऐसा ही एक मामला सामने आ चुका है. उस मामले में आरोपी युवक ने पूछताछ में बताया था कि उसे पैसों की जरूरत थी और उसने लालच में आकर हिंदुओं की गाड़ियों को निशाना बनाया था. पुलिस उस आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. इन घटनाओं के बाद एक बार फिर इलाके में सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को लेकर चिंता बढ़ गई है. अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि वह कितनी जल्दी इस मामले का खुलासा कर पाती है और दोषियों तक पहुंचती है.
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बिजनौर आगजनी
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