छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक बार फिर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई. इस दौरान पांच लाख की इनामी महिला नक्सली एरिया कमांडर रूपी पुलिस की गोलियों का शिकार हो गई. माचपल्ली–आरामझोरा–हिडूर इलाके के जंगलों में यह कार्रवाई की गई. इससे पहले सुरक्षा बलों को छोटेबेठिया–परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती जंगलों में पुलिस को माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी.
इसी इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों ने वहां सर्च ऑपरेशन शुरू किया. घने जंगलों में चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान अचानक माओवादियों और पुलिस के बीच आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई. यह सब माचपल्ली–आरामझोरा–हिडूर इलाके के जंगलों में हुआ. पुलिस बल जैसे ही संदिग्ध इलाके में पहुंचा, माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और मुठभेड़ तेज हो गई.
कुछ देर तक चली इस मुठभेड़ के बाद नक्सली मौके से भागने लगे, जिसके बाद इलाके में सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया गया. मुठभेड़ खत्म होने के बाद जब सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया, तो उन्हें एक महिला माओवादी का शव बरामद हुआ. सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर सघन तलाशी ली ताकि कोई अन्य नक्सली छिपा न रह जाए. बरामद शव की पहचान बाद में एक बड़े नक्सली कैडर के रूप में हुई.
मृत महिला नक्सली की पहचान एरिया कमांडर ACM रूपी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से बस्तर क्षेत्र में सक्रिय थी. रूपी पर 5 लाख रुपये का इनाम भी घोषित था. वह डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी, जो खुद भी 2025 में जिला मानपुर–मोहला में हुई एक मुठभेड़ में मारा गया था. इस तरह यह मुठभेड़ नक्सल नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
खास बात यह है कि रूपी को बस्तर क्षेत्र में सक्रिय आखिरी तेलुगू माओवादी कैडर माना जाता था. उसकी मौत के बाद नक्सल संगठन को क्षेत्र में बड़ा नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, रूपी कई बड़ी घटनाओं में शामिल रही थी और लंबे समय से पुलिस के रडार पर थी.
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने तलाशी के दौरान एक पिस्टल, गोला-बारूद और अन्य नक्सली सामग्री भी बरामद की है. फिलहाल, पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि किसी भी अन्य छिपे हुए नक्सलियों को पकड़ा जा सके. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नक्सलियों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा.
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