पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था, जिसमें सैकड़ों आतंकी मारे गए थे. इस हमले में भारत ने स्‍वदेश में बने मिसाइल BrahMos का इस्‍तेमाल किया था. कानपुर की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ब्रम्‍होस मिसाइल की तारीफ की. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से डिफेंस सेक्‍टर में बड़ा एक्‍सपोर्टर बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है.

इस बीच, हम आपको एक ऐसे शेयर के बारे में बताने जा रहा हैं, जिसका कनेक्‍शन BrahMos मिसाइल से है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस कंपनी के शेयर ने तूफानी तेजी दिखाई है. ये शेयर डेटा पैटर्न इंडिया है, जिसने पिछले तीन महीनों में अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से 116% की बढ़त हासिल की है. इस साल 3 मार्च को यह मल्टीबैगर स्टॉक 52 सप्ताह के निचले स्तर 1350.50 रुपये पर आ गया था. मौजूदा सत्र में, स्टॉक ने 2920 रुपये का उच्च स्तर पर पहुंचा है.

टेक्निकल चार्ट पर कैसा है शेयर?
शेयरों ने 3 सालों में 279% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है और दो सालों में 72.45% की बढ़ोतरी हुई है. Data Patterns के शेयर अपने 5 दिन, 10 दिन, 20 दिन, 30 दिन, 50 दिन, 100 दिन, 150 दिन और 200 दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहे हैं, जो शॉर्ट टर्म और लॉन्‍ग टर्म में तेजी का अनुमान दिखाता है. कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 16,049 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.

3700 रुपये पर जाएगा ये शेयर
स्टॉक का एक साल का बीटा 1.1 है, जो इस अवधि के दौरान उच्च अस्थिरता को दर्शाता है. डेटा पैटर्न का RSI 69.5 पर है, जो संकेत देता है कि यह शेयर ना तो ओवरबॉट है और न ही ओवरसोल्‍ड है. ब्रोकरेज नुवामा ने 3700 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ स्‍टॉक पर खरीदारी की सलाह दी है. यह टारगेट 5 जुलाई 2024 को हासिल किए गए 3654.75 रुपये के रिकॉर्ड लेवल से काफी आगे है.

ब्रह्मोस मिसाइल से कनेक्‍शन
पूरे वर्ष के दौरान, डेटा पैटर्न ने रक्षा मंत्रालय और विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से पर्याप्त राडार और EW ऑर्डर के साथ महत्वपूर्ण सफलता हासिल की. इसके अलावा, कंपनी ने सफलतापूर्वक परिवहन योग्य सटीक रडार विकसित और वितरित किए. रक्षा फर्म का संबंध ब्रह्मोस मिसाइल से भी है, जिसका इस्तेमाल हाल ही में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान के हवाई ठिकानों पर हमला करने के लिए किया गया था.

डेटा पैटर्न ने डीआरडीओ और ब्रह्मोस से इनपुट और सहायता लेकर ब्रह्मोस मिसाइल चेकआउट उपकरण बनाया है. यह यूनिट मिसाइल के रखरखाव कनेक्शन के साथ इंटरफेस करके उसके प्रदर्शन का वैल्‍यूवेशन करती है.

(नोट- यहां बताए गए कंपनी का शेयर टारगेट ब्रोकरेज फर्म्स की राय है. aajtak.in इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)



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