योगी-जयंत की रैली में RLD के मुस्लिम विधायक की नो-एंट्री, SSP ने क्यों अंदर जाने से रोका – muzaffarnagar yogi adityanath jayant chaudhary rally rld muslim mla ghulam mohammad no entry ntcpkb

ByCrank10

April 14, 2026


उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की सियासी प्रयोगशाला पश्चिमी यूपी बनता जा रहा है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नोएडा से मिशन-2027 के आगाज करने के बाद सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ और आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुजफ्फरनगर में संयुक्त रैली की. इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आरएलडी के विधायक भी पहुंचे थे, जिसमें पार्टी के एक मुस्लिम विधायक भी थे, जिन्हें रैली के मंच ही नहीं बल्कि कार्यक्रम स्थल पर जाने से एसएसपी ने रोक दिया, जो सियासी चर्चा का विषय बन गई.

मेरठ के सिवालखास विधानसभा सीट से आरएलडी विधायक गुलाम मोहम्मद मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी की रैली में शिरकत करने पहंचे थे,  लेकिन कार्यक्रम स्थल के मंच वाले मुख्य द्वार से ही उन्हें वापस लौटा दिया गया.

आरएलडी के मुस्लिम विधायक को एसएसपी के रैली में जाने से रोके जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे लेकर अलग-अलग तरह के सियासी कयास भी लगाए जा रहे हैं.
एसएसपी ने मुस्लिम विधायक को रोका
मेरठ जिले की सिवालखास विधानसभा सीट, जो बागपत लोकसभा क्षेत्र में आती है. सिवालखास विधानसभा सीट पर आरएलडी का कब्जा है, गुलाम मोहम्मद विधायक हैं. मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड पर सोमवार को हुई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी की रैली में शिरकत करने के लिए आरएलडी विधायक गुलाम मोहम्मद भी पहुंचे थे, जैसे ही कार्यक्रम स्थल के मंच वाले गेट से एंट्री करने लगे तो सुरक्षा में तैनात SSP संजय वर्मा ने गेट पर रोक लिया.

मुजफ्फरनगर के एसएसएस संजय वर्मा से विधायक ने अपना परिचय भी दिया. इसके बाद भी एसएसपी ने उन्हें कार्यक्रम में अंदर जाने की इजाजत नहीं दी, क्योंकि
कार्यक्रम में मंच पर प्रवेश केवल उन्हीं लोगों को दिया जा रहा है, जिनका नाम अधिकृत सूची में शामिल है. विधायक का नाम न ही योगी-जयंत के मंच पर बैठने वाले विधायकों में था और न ही कार्यक्रम में नीचे बैठने वाले विशिष्ट अतिथियों की सूची में था, इसलिए उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई.

आरएलडी विधायक का वीडियो वायरल
आरएलडी विधायक गुलाम मोहम्मद ने एसएसपी को अपना परिचय भी दिया और आरएलडी विधायक होने की बात भी कही, लेकिन उसके बाद भी उन्हें रैली में जाने की इजाजत नहीं मिली. एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने भी यही स्पष्ट किया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सूची से बाहर किसी को भी एंट्री नहीं दी जा सकती. इस दौरान एसएसपी से बहुत देर तक विधायक बहस भी करते रहे, लेकिन कोई भी दबाव काम नहीं आया.

बताया जा रहा है कि इस दौरान किसी भी प्रकार की सिफारिश या दबाव काम नहीं आया और विधायक गुलाम मोहम्मद को वापस लौटने लगे, जिसके बाद जब इस मामले की जानकारी रैली के मंच पर मौजूद नेताओं और पदाधिकारियों को हुई, तो उन्होंने विधायक गुलाम मोहम्मद को अंदर बुलाया, लेकिन रैली में योगी-जयंत के मंच पर जगह नहीं मिली.

यह घटना इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी सहित कई बड़े नेता मौजूद थे. ऐसे में रालोद के मुस्लिम विधायक को एंट्री न मिलना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. सपा के नेताओं ने विधायक की एंट्री न मिलने को लेकर तंज भी कसा, लेकिन बाद में आरएलडी की तरफ से डैमेज कन्ट्रोल करने की कवायद की गई.

आरएलडी डैमेज कन्ट्रोल में जुटी
सीएम योगी और जयंत चौधरी की रैली में रालोद के मुस्लिम विधायक को जाने से रोके जाने का मामला सियासी रंग लेने से पहले आरएलडी की तरफ से डैमेज कंट्रोल शुरू हो गया है. विधायक गुलाम मोहम्मद को पार्टी ने आगे किया. उन्होंने घटना को एक ‘मिसअंडरस्टैंडिंग’ बताया. उन्होंने कहा कि उन्हें लगा था कि उनका नाम सूची में शामिल होगा, क्योंकि मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने आने की पूर्व सूचना नहीं दी थी, जिसके चलते यह स्थिति बनी.

विधायक के अनुसार, जब उन्होंने अधिकारियों से पुष्टि करने को कहा, तो उन्हें सूची दिखाई गई, जिसमें उनका नाम नहीं था. इसके बाद वे स्वयं ही कार्यक्रम से लौटने लगे, लेकिन पार्टी के नेताओं को जब इस बात की जानकारी मिली तो सम्मान के साथ कार्यक्रम में ले गए. उन्होंने साफ किया कि इस घटना को लेकर उनके मन में किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है और यह केवल आपसी भ्रम की स्थिति थी.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed