उत्तर प्रदेश समाचार: बिजनौर के नूरपुर निवासी व्यापारी इसरार अली की उनके रिश्तेदार आशु सिद्दीकी ने दो दोस्तों शाहनवाज और जाबिर के साथ मिलकर 8 फरवरी को गला घोंटकर हत्या कर दी. इस वारदात को आशु ने इसरार के पास मौजूद दो लाख रुपये हड़पने के लिए अंजाम दिया. आरोपियों ने शव को नूरपुर की दौलतपुर चौकी के पास पोशाक नहर की झाड़ियों में फेंक कर पेट्रोल से जला दिया ताकि पहचान न हो सके. पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और सीडीआर के आधार पर जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने नहर किनारे से इसरार का जला हुआ कंकाल बरामद किया, जिसकी पहचान परिजनों ने हाथ के ब्रेसलेट से की.
पैसों के लालच ने बनाया कातिल
एसपी पूर्वी अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक इसरार अली अपने रिश्तेदार आशु सिद्दीकी के पास दो लाख रुपये लेकर गया था. इतनी बड़ी रकम देखकर आशु की नीयत बिगड़ गई. उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और इसरार को गाड़ी में बिठाकर ले गया. रास्ते में गला घोंटने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया गया.
कंकाल और ब्रेसलेट से खुला राज
इसरार के लापता होने के बाद 8 मार्च को उसके भाई अफसर अली ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस जांच में पता चला कि इसरार आखिरी बार आशु के घर गया था.कड़ाई से पूछताछ में आशु ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. पुलिस को मौके से नरकंकाल के साथ वह केन भी मिली है जिससे पेट्रोल लाया गया था. इसके अलावा मृतक के दो मोबाइल भी बरामद किए गए हैं.
मुख्य आरोपी है क्षेत्र पंचायत सदस्य
हैरानी की बात यह है कि हत्याकांड का मास्टरमाइंड आशु सिद्दीकी क्षेत्र पंचायत सदस्य भी है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस ने मामले की तह तक जाकर सभी सबूतों को इकट्ठा कर लिया है ताकि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके.
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