बस्ती में लापरवाही की इंतहा… जबरन डिलीवरी में नवजात का सिर धड़ से अलग, खतरे में पड़ी मां की जान – Height of Negligence Newborn Decapitated During Forced Delivery Mothers Life in Danger Basti news lclam


यूपी के बस्ती जिले में शर्मसार कर देना वाला मामला सामने आया है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुदरहा बनहरा में प्रसव के दौरान आशा बहू और ड्यूटी पर मौजूद महिला स्टाफ की लापरवाही से एक नवजात शिशु का सिर धड़ से अलग हो गया. मामले को दबाने के लिए स्टाफ नर्स ने आनन-फानन में प्रसूता को निजी अस्पताल भेज दिया, जहां उससे इलाज के नाम पर वसूली की गई.

मामले को बिगड़ता देख निजी अस्पताल ने उसे महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज बस्ती रेफर किया गया. वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गर्भ में फंसा शिशु का सिर बाहर निकाला. पीड़ित महिला प्रेमा देवी कलवारी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव की रहने वाली है. डिलीवरी के लिए सरकारी सिस्टम पर भरोसा करना उसके बच्चे के लिए काल बन गया.

दरअसल, पूरा मामला बीते 8 अप्रैल का है. कलवारी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव की रहने वाली प्रेमा देवी 7 महीने की गर्भवती थी. प्रसव पीड़ा होने पर सरकारी एंबुलेंस बुलाई गई. इस दौरान उसे तेज दर्द उठा. एंबुलेंस में मौजूद आशा बहू ने लापरवाही पूर्वक प्रसव कराने का प्रयास किया, तभी बच्चे का सिर महिला के पेट में ही रह गया और धड़ बाहर आ गया. इसमें महिला की भी जान जाते-जाते बची.

पीड़िता के पति का बयान

पीड़िता प्रेमा देवी के पति नीरज कुमार ने बताया कि वे अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर इलाज के लिए CHC कुदरहा लेकर पहुंचे थे. परिजनों का आरोप है कि वहां तैनात महिला स्टाफ ने विशेषज्ञ डॉक्टर का इंतजार करने के बजाय एंबुलेंस में ही महिला को दर्द का इंजेक्शन दे दिया और जबरन नॉर्मल डिलीवरी कराने का प्रयास किया. इसी आपा-धापी में नवजात का धड़ तो बाहर आ गया, लेकिन सिर शरीर से अलग होकर गर्भ में ही रह गया.

सास ने बताई ये कहानी

महिला प्रेमा की सास शकुंतला के मुताबिक, जब स्टाफ ने देखा कि बच्चे का सिर अलग हो गया है, तो उनके हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में अपनी गलती छुपाने के लिए उन्होंने प्रसूता की हालत गंभीर बताते हुए उसे पास के एक निजी अस्पताल भेज दिया. निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने भी जोखिम को देखते हुए महिला को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज कैली के लिए रेफर कर दिया.

कैली अस्पताल में जब असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कल्पना मिश्रा और उनकी टीम ने महिला की जांच की, तो वे भी स्थिति देखकर हैरान रह गए.  डॉ. मिश्रा ने बताया कि महिला अत्यंत गंभीर स्थिति में आई थी.  अल्ट्रासाउंड और जांच में पता चला कि बच्चे का धड़ पहले ही अलग हो चुका है और सिर अंदर फंसा है.  तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया और शिशु का सिर बाहर निकालकर महिला की जान बचाई गई.  वर्तमान में महिला की हालत सुरक्षित बताई जा रही है.

वहीं, डीएसपी कलवारी सर्किल संजय सिंह ने फोन पर बताया कि मामले की शिकायत पीड़ित महिला प्रेमा देवी के ससुर दुर्गाप्रसाद के द्वारा 4 दिन पूर्व कलवारी थाने में की गई थी. इसकी जांच कलवारी थाने के इंचार्ज कर रहे है, जो भी कार्यवाही है विधिक रूप से जांच के बाद की जाएगी.

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