‘अशोक खरात का हो सकता है एनकाउंटर’, कांग्रेस सांसद का सनसनीखेज दावा – Ashok Kharat could face encounter claims Congress MP Praniti Shinde lclnt

ByCrank10

April 14, 2026


महाराष्ट्र के सोलापुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने एक सनसनीखेज दावा किया है. भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिंदे ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ढोंगी बाबा अशोक खरात मामले में अभी और भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आने की संभावना है. इसलिए अशोक खरात का एनकाउंटर किया जा सकता है. इस मामले के तार सत्ता में बैठे कुछ लोगों तक पहुंच सकते हैं.

सांसद प्रणिती शिंदे ने दावा किया कि इस मामले की जानकारी बाहर न आए, इसके लिए अशोक खरात का एनकाउंटर होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. प्रणिती शिंदे के इस बयान से राजनीतिक हलकों में बड़ी हलचल मच गई है और इस मामले को अब अधिक गंभीरता से देखा जा रहा है.

बता दें कि अशोक खरात का मामला अब देश के बड़े यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग घोटालों में गिना जाने लगा है. तंत्र-मंत्र और भविष्यवाणी के नाम पर महिलाओं का शोषण करने, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपों ने इस केस को बेहद गंभीर बना दिया है. अब इस प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री से जांच और तेज हो गई है.

ईडी ने अशोक खरात और उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कई ठिकानों पर छापेमारी की है. जानकारी के मुताबिक, नासिक के पांच, पुणे के तीन और शिरडी के तीन स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई. इस दौरान एजेंसी ने महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल सबूत और संपत्ति से जुड़े कागजात खंगाले हैं. शुरुआती संकेत बताते हैं कि मामला सिर्फ यौन अपराध तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताओं से भी जुड़ा हो सकता है.

इससे पहले इस पूरे मामले की जांच महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही थी. अब तक अलग-अलग थानों में अशोक खरात के खिलाफ 11 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें यौन शोषण, बलात्कार, ठगी, जमीन कब्जाने और अवैध संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. पुलिस और ईडी मिलकर अब पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं.

जांच एजेंसियों के अनुसार, अशोक खरात और उसके करीबियों से जुड़ी करीब 52 संपत्तियां जांच के दायरे में हैं. आशंका है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से खरीदी गई हैं. ईडी इस मामले को मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी और ब्लैकमेलिंग से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया.

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