अडानी ग्रुप (Adani Group) की इस कंपनी ने कमाल कर दिया है. शेयर बाजार में गिरावट के बीच अडानी पावर का शेयर ऑल टाइम (All Time High) पर पहुंच गया है. जबकि अडानी ग्रुप की दूसरी कंपनियों के शेयर अपने ऑल टाइम हाई से 50 फीसदी तक नीचे हैं. उदाहरण के लिए अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर फिलहाल अपने ऑल टाइम हाई से 45 फीसदी नीचे है. जबकि अडानी पावर ने अपना दम दिखा दिया है.
सोमवार 13 अप्रैल 2026 को अडानी पावर के शेयर ने 184.40 रपये के अपने उच्चतम स्तर को छुआ. जबकि सोमवार को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में था. यानी अडानी पावर ने ‘मार्केट ट्रेंड’ के विपरीत जाकर लगभग 3.15% बढ़कर 181.35 रुपये पर बंद हुआ. बता दें, पिछले आठ कारोबारी सत्रों के दौरान इस शेयर में करीब 18% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
शेयर में तेजी के क्या कारण
भारत में गर्मी का मौसम शुरू होते ही बिजली की खपत में भारी उछाल आया है. मार्च 2026 में बिजली की मांग रिकॉर्ड 149 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई. बढ़ती मांग ने बिजली क्षेत्र की कंपनियों, खासकर अडानी पावर को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है.
बता दें, अडानी पावर ने अपनी ऑपरेटिंग कैपिसिटी का 90% से अधिक हिस्सा लंबी और मध्यम अवधि के पीपीए (Power Purchase Agreements) के तहत सुरक्षित कर रखा है, जिससे इसकी कमाई में स्थिरता बनी हुई है. एक्सपर्ट्स अडानी पावर को बुलिश हैं.
दमदार रिटर्न दिया है अडानी पावर ने
पिछले 5 वर्षों में अडानी पावर के स्टॉक ने 900% और 10 वर्षों में 2500% से अधिक का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, जो अडानी ग्रुप की इस कंपनी की विकास क्षमता को दर्शाता है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक अडानी पावर अब एक ‘लार्ज-कैप’ दिग्गज के रूप में स्थापित हो चुका है. कंपनी अपने EBITDA मार्जिन को सुधारने के लिए डिजिटल O&M और AI-आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस जैसी तकनीकों का उपयोग कर रही है.
अडानी पावर कंपनी के बारे में
बढ़ती बिजली मांग के कारण कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है और 2032 तक अपनी क्षमता 40 गीगावाट से ज्यादा करने का लक्ष्य रखती है. Adani Power Limited की स्थापना 1996 में हुई थी और यह मुख्य रूप से कोयले से बिजली उत्पादन करती है. कंपनी की कुल स्थापित क्षमता लगभग 18 गीगावाट से अधिक है. इसके प्लांट गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में हैं.
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)
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