नोएडा के बाद अब प्रयागराज में भी मजदूर सड़कों पर उतर आए हैं. उनका गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है. बारा इलाके में स्थित प्रयागराज पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PPGCL) पावर प्लांट में बुधवार को सैकड़ों मजदूरों ने 12 घंटे की ड्यूटी के विरोध में काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी. गुस्साए मजदूर प्लांट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे, जिससे पूरे प्लांट परिसर में हड़कंप मच गया.
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी उनसे जबरन 12-12 घंटे काम करवा रही है, जो श्रम कानूनों के खिलाफ है. उनका कहना है कि यह न सिर्फ आर्थिक, बल्कि शारीरिक शोषण भी है. मजदूरों की मांग है कि उनकी ड्यूटी को नियमों के अनुसार 8 घंटे किया जाए. साथ ही उन्होंने महंगाई को देखते हुए वेतन बढ़ाने (मानदेय वृद्धि) की भी मांग उठाई है. उनका कहना है कि मौजूदा वेतन में काम करना अब मुश्किल हो गया है और कंपनी को इस पर तुरंत निर्णय लेना चाहिए.
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धरने पर बैठे मजदूरों ने साफ कर दिया है कि वे केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे. वे प्रबंधन से लिखित में गारंटी चाहते हैं कि उनकी मांगों पर अमल किया जाएगा. मजदूरों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. इस विरोध प्रदर्शन के चलते अधिकारियों में भी असमंजस की स्थिति दिखी.
पावर प्लांट मैनेजमेंट मजदूरों को समझाने और हालात को सामान्य करने की कोशिश करता रहा, लेकिन मजदूर अपनी मांगों पर अड़े रहे. स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके. फिलहाल, मैनेजमेंट और मजदूरों के बीच बातचीत जारी है. मजदूर अपनी समस्या का समाधान निकलने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं.
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