रणवीर सिंह की साल 2011 में एक फिल्म आई थी, जिसका नाम लेडीज वर्सेज रिकी बहल था. इसमें वह फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं को रोमांस स्कैम और हनी ट्रैप में फंसाते थे और फिर उनसे लाखों-करोड़ों रुपये लूटकर गायब हो जाते थे.

15 साल बाद एक ऐसा ही नया केस सामने आया है, जहां एक शख्स महिलाओं को रोमांस स्कैम और हनी ट्रैप में फंसाकर शिकार बना रहा था और दिल्ली पुलिस ने उस ठग को गिरफ्तार कर लिया है.

आरोपी रोमांस स्कैम से कई महिलाओं को शिकार बनाता था. फेक मेट्रोमोनियल वेबसाइट और डेटिंग ऐप्स का सहारा लेकर महिलाओं को हनी ट्रैप में फंसाया जाता, जिसके बाद उनको ब्लैकमेल करता.

एएनआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट करके जानकारी दी है. पोस्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के साइबर विंग ने एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो महिलाओं को शिकार बनाता था.

ANI का पोस्ट

आरोपी की पहचान आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. पोस्ट में आगे बताया है कि आरोपी लंबे समय से हनी ट्रैप, रोमांस स्कैम और ब्लैकमेलिंग जैसे केस में लंबे समय से शामिल है.

महिलाओं से ब्लैकमेलिंग करके उनके बैंक खातों में भी सेंधमारी होती थी. कई बार उनके परिवार की जिंदगी भर की कमाई तक ये साइबर ठग लूट लेते हैं.

रोमांस स्कैम क्या होता है?

रोमांस स्कैम, असल में साइबर ठगी का एक अलग तरीका है. साइबर ठग इसके लिए अक्सर सोशल मीडिया ऐप फेसबुकइंस्टाग्राम, डेटिंग ऐप और मेट्रोमोनियल प्लेटफॉर्म का सहारा लेकर महिलाओं से कनेक्शन बनाते हैं. भरोसा जीतकर उनसे पैसे ठगते हैं. कई बार गिफ्ट देने के बहाने एड्रेस और अन्य डिटेल्स मांग लेते हैं.

रोमांस स्कैम से कैस बचें?

रोमांस स्कैम की पहचान करना कई बार काफी मुश्किल काम हो जाता है. हालांकि कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर फेक प्रोफाइल की पहचान कर सकते हैं. फेक प्रोफाइल बहुत ज्यादा परफेक्ट नजर आ सकती है.

इसमें प्रोफाइल फोटो अगर मॉडल जैसी लगे, प्रोफाइल नई और कम एक्टिव नजर आए. खुद को NRI बताए, तो वह फेक अकाउंट हो सकता है. ऐसे अकाउंट जल्दी से इमोशनल कनेक्शन बनाने की कोशिश करते हैं. 2-3 दिन की बातचीत में वह तुरंत आई लव यू जैसे शब्दों को इस्तेमाल करते हैं.

बैंक खाते में सेंधमारी के बहाने कौन से होते हैं

साइबर ठग रोमांग स्कैम में फंसाने के बाद और इमोशनल कनेक्शन बनाने के बाद अलग-अलग तरीकों से पैसे या बैंक डिटेल्स मांगते हैं.

  • मैं मुसीबत में हूं.
  • मैं कहीं फंस गया हूं.
  • टिकट या वीजा के लिए पैसे भेज दो.

पैसे मांगने पर तुरंत समझ जाइए कि वह साइबर ठग हो सकता है. इसलिए ऐसे लोगों को पहले वीडियो कॉल करें और उसके आसपास का नजारा देखें. बचाव के लिए सामने वाले को पैसा या बैंक डिटेल्स ना दें. तुरंत ब्लॉक करें. इसकी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल संचार साथी पर जाकर करें.

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