नासिक में TCS कांड के बाद, ऑफिस से नहीं होगा काम, एंप्लॉईज को दिया गया वर्क फ्रॉम होम – nashik tcs employees religion conversion case work from home for employees amid investigation lcltm

ByCrank10

April 16, 2026 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस बीपीओ कैंपस से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के मामले के बीच कंपनी प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाया है. हालात को देखते हुए फिलहाल इस सेंटर पर काम कर रहे सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कैंपस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.

BPO के कर्मचारियों को मिली वर्क फ्रॉम होम

सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला कर्मचारियों की सुरक्षा और जांच प्रक्रिया को प्रभावित न होने देने के उद्देश्य से लिया गया है. हाल के दिनों में सामने आए आरोपों के बाद कंपनी में माहौल तनावपूर्ण हो गया था, जिसे देखते हुए प्रबंधन ने यह एहतियाती कदम उठाया है. कंपनी की ओर से कहा गया है कि जांच पूरी होने तक संचालन बंद रहेगा और सभी कर्मचारी घर से ही काम करेंगे. मामले में पुलिस के साथ-साथ कंपनी की आंतरिक टीम भी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.

3 और पीड़ित आज करेंगे FIR
इस मामले में पहले ही 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एक महिला एचआर एग्जिक्यूटिव अभी फरार है. इसमें ताजा अप्डेट की बात करें तो 3 और पीड़ित आज FIR फाइल कर सकती हैं जिसके बाद कुल केसेस 9 से बढ़कर 12 हो जाएंगे. साथ ही आज 5 आरोपी के जमानत अर्जी पर कोर्ट में अपनी राय रखेंगे.

हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर पुलिस ने फोड़ा भंडा

इस पूरे मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने नासिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में दावा किया गया कि कंपनी में काम करने वाली एक हिंदू महिला रमजान के रोजे रख रही थी. इस जानकारी के आधार पर पुलिस को शक हुआ और उन्होंने गुप्त ऑपरेशन शुरू किया. यह ऑपरेशन धीरे-धीरे एक बड़े खुलासे में बदल गया, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं. पुलिस ने गुप्त जांच के तहत महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर कंपनी के अंदर तैनात किया. इन अधिकारियों ने कैंपस के भीतर की गतिविधियों पर नजर रखी और कई अहम सबूत जुटाए. इस दौरान यह संकेत मिले कि कुछ टीम लीडर अपने पद का दुरुपयोग कर रहे थे. जांच में सामने आया कि कर्मचारियों को निशाना बनाकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था.

रमजान के रोजे रख रही थी हिंदू महिला

इस पूरे मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने नासिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी में कार्यरत एक हिंदू महिला रमजान के रोजे रख रही थी. इसी आधार पर पुलिस को संदेह हुआ और उन्होंने गुप्त जांच शुरू की. यह जांच आगे चलकर बड़े खुलासे में बदल गई, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.

टीम लीडर ने किया पद का दुरुपयोग

पुलिस ने इस दौरान महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में कंपनी में तैनात किया, ताकि अंदर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. इन अधिकारियों ने कैंपस के भीतर की स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखी और महत्वपूर्ण साक्ष्य इकट्ठा किए. जांच के दौरान यह भी संकेत मिले कि कुछ टीम लीडर अपने पद का दुरुपयोग कर रहे थे. साथ ही यह भी सामने आया कि कर्मचारियों को निशाना बनाकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था.

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