उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने संगठन से लेकर सरकार तक में बड़े फेरबदल की तैयारी कर ली है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद यूपी के राजनीतिक कॉरिडोर में योगी के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है.
बिहार के सियासी इतिहास में पहली बार बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी संगठन और मंत्रिमंडल विस्तार कीप्लानिंग कर ली गई है. गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महमंत्री धर्मपाल सिंह ने पहले राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी एल संतोष के साथ बैठक की और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ मुलाकात की.
पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह की दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकात को उत्तर प्रदेश में सियासी बदलावों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. इस बार कैबिनेट विस्तार में कई मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है तो कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है. ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ की पसंदीदा नेताओं की लॉटरी लग सकती है?
यूपी में होने जा रहा कैबिनेट विस्तार
उत्तर प्रदेश में कैबिनिट विस्तार को लेकर काफी समय से कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन पिछले एक हफ्ते में यूपी बीजेपी की ओर से एक बड़ी एक्सरसाइज देखने को मिली है. पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह का बीजेपी के टॉप लीडरशिप के साथ गुरुवार को हुई बैठक में यूपी में बड़े सांगठनिक बदलाव के साथ-साथ मंत्रिमंडल विस्तार पर यह चर्चा हुई है.
यूपी में माना जा रहा है कि जल्द ही संगठन के नए स्वरूप के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार भी हो जाएगा. बीजेपी अपने प्रमुख कार्यकर्ताओं और नेताओं को निगम आयोग और बोर्ड में समायोजन करना चाहती है ताकि मंत्रिमंडल विस्तार के पहले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संतुष्ट किया जा सके. पिछले दिनों यूपी के कई नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में मनोनीत सदस्य बनाए गए हैं, जिनके शपथ ग्रहण भी करा दिए गए हैं.
मंत्रियों की खंगाली जा रही कुंडली
यूपी में अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी कयास तेज हो गए हैं. माना जा रहा है कि योगी मंत्रिमंडल में दर्जन भर फेर बदल हो सकता है. योगी सरकार के कई मंत्रियों के चार साल के कामकाज की सियासी कुंडली खंगाली गई है, जिसमें मंत्री के काम काज का भी आकलन किया गया है. ऐसे में कई पुराने मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह पर नए चेहरों को मंत्री बनाया जाए सकता है.
योगी की पसंद का रखा जाएगा ख्याल
माना जा रहा है कि बीजेपी शीर्ष नेतृत्व को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मंत्रिमंडल विस्तार में अपनी पसंद और नापसंद से अवगत करा दिया है. इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पसंद के चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है. यूपी में अभी 6 मंत्रियों की जगह खाली है जबकि आधे दर्जन लोगों को बदला जा सकता है. इस तरह करीब एक दर्जन मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिसके जरिए बीजेपी 2027 के सियासी समीकरण को साधने का दांव चल सकती है.
UP में एक महीने से हो रही एक्सरसाइज
उत्तर प्रदेश में बीजेपी 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगातर इतिहास रचना चाहती है. इसके लिए पिछले एक महीने में उत्तर प्रदेश बीजेपी में मंथन के लिए कई बैठकें हो चुकी हैं. संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुख्यमंत्री और दोनों मुख्यमंत्री की मुलाकात के अलावा विनोद तावड़े चार दिन पहले लखनऊ आकर सभी भाजपा के पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर चुके हैं.
विनोद तावड़े की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हो चुकी है. यही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी कई बैठके हो चुकी है.दिल्ली में बैठे प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात को अब आखिरी दौर की चर्चा चल रही है. ऐसे में यूपी में यह बदलाव कभी भी हो सकते हैं.
क्षेत्रीय और जातीय बैलेंस बनाने का प्लान
संगठन में रहे कुछ अन्य मजबूत चेहरों को भी योगी कैबिनेट में जगह मिल सकती है. कुछ राज्यमंत्रियों का कद बढ़ाकर स्वतंत्र प्रभार का दर्जा दिया जा सकता है. बोर्ड और निगमों में भी कई चेहरों का समायोजन हो सकता है. माना जा रहा है कि पश्चिम की भागीदारी बढ़ सकती है, क्योंकि पूरब से ही मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष हैं.
यूपी में ब्राह्मण समुदाय की नाराजगी को देखते हुए, उन्हें सत्ता और संगठन में मौका दिया जा सकता है. ऐसे में ये हो सकता है कि कुछ ब्राह्मण चेहरों को भी सरकार स संगठन तक जगह दी जाए. 2027 के यूपी चुनाव को देखते हुए भी सरकार से संगठन तक बदलाव में सामाजिक समीकरणों और जातीय गणित साधने की रणनीति भी देखने को मिल सकती है
सत्ता और संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी
सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली कैबिनेट में फिलहाल अभी 54 मंत्री हैं जबकि अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं. इस तरह योगी सरकार में 6 मंत्री के पद खाली है. 2027 के विधानसभा चुनाव के देखते हुए पार्टी योगी कैबिनेट विस्तार कर सियासी समीकरण को साधने की कवायद करना चाहती है.
योगी कैबिनेट विस्तार के जरिए बीजेपी यूपी में अपने सियासी समीकरण को साधने का दांव चल सकती है. 2024 के लोकसभा चुनाव में बिगड़े जातीय समीकरण को दुरुस्त करने के लिए बीजेपी ने संगठन की कमान ओबीसी की कुर्मी जाति से आने वाले केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को सौंपी. अब उन्हें यूपी में अपनी टीम गठित करनी है. ऐसे में 2027 के लिहाज से टीम बनानी है ताकि सत्ता की हैट्रिक लग गए।
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